राजधानी भोपाल में शुक्रवार को युवा कांग्रेस ने नगरीय विकास एवं आवास व संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर सैकड़ों कार्यकर्ता जुटे और मंत्री का पुतला दहन करने की कोशिश की। कैलाश विजयवर्गीय मुर्दाबाद के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।पुलिस ने पुतला जलाने से रोकने की कोशिश की तो कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। हालात बिगड़ते देख कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और पुलिस वाहनों में बैठाकर ले जाया गया। कुछ देर तक मौके पर तनाव का माहौल बना रहा।
अनुसूचित जाति विभाग ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
इधर विरोध में अनुसूचित जाति विभाग, कांग्रेस ने भोपाल के टीटी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई और प्रतीकात्मक रूप से तस्वीर जलाई। कार्यक्रम का नेतृत्व विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने किया, जबकि प्रदेश प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी भी मौजूद रहे।प्रदीप अहिरवार ने कहा कि यह केवल नेता प्रतिपक्ष का नहीं, बल्कि आदिवासी और दलित समाज का अपमान है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कानूनी कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
विधानसभा में शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हुई बहस से जुड़ा है। कोल ब्लॉक आवंटन और अदाणी समूह के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और मंत्री विजयवर्गीय के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। इसी दौरान मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष से “औकात में रहो” कह दिया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताते हुए प्रदेशभर में विरोध का ऐलान कर दिया।
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प्रदेशभर में प्रदर्शन
भोपाल के साथ-साथ कई अन्य शहरों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री के खिलाफ पुतला दहन किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तक मंत्री माफी नहीं मांगते, विरोध जारी रहेगा। स्पष्ट है कि एक बयान ने विधानसभा से लेकर सड़क तक सियासत को गरमा दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।