धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मां क्षिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ी पहल करते हुए भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने 81 करोड़ रुपये की परियोजना को वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। परियोजना के तहत उज्जैन शहर से निकलने वाले सीवरेज जल के वैज्ञानिक उपचार की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे क्षिप्रा नदी में प्रदूषित जल का प्रवाह रोका जा सकेगा। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत उज्जैन के भैरूगढ़ और पीलियाखाल नालों को इंटरसेप्ट एवं टैप कर उनके सीवरेज जल का उपचार किया जाएगा। इसके लिए 24.30 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता का अत्याधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया जाएगा।