मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार द्वारा यूसीसी पर समिति गठन को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार यूसीसी के नाम पर नई बहस खड़ी कर रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी अनुत्तरित है। उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह दलितों और आदिवासियों को न्याय दिला पाएगी। जिन समुदायों की अपनी परंपराएं, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक पहचान अलग है, क्या उन पर यूसीसी थोपा नहीं जाएगा? उन्होंने कहा कि भाजपा को साफ बताना होगा कि क्या ‘समानता’ के नाम पर विविधता को कुचलने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समानता के पक्ष में है, लेकिन किसी भी वर्ग के साथ अन्याय के नहीं। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यूसीसी सर्वसम्मति से लागू होगा या इसे जबरन थोपा जाएगा।