संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की दो दिवसीय उप क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस सोमवार से भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में शुरू होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ करेंगे। भारत सहित भूटान, बांग्लादेश, नेपाल, मालदीव, श्रीलंका एवं देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने पर केंद्रित विषयों पर मंथन किया जाएगा। यूनेस्को, पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, भारतीय पुरातत्व संरक्षण एवं पर्यटन और संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है। कॉन्फ्रेंस में सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण पर मंथन होगा। शुभारंभ अवसर पर यूनेस्को नई दिल्ली के ऑफिस-इन-चार्ज हिजकिल लामिनी और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री उषा ठाकुर उपस्थित रहेंगे।
प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि सम्मेलन में सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने पर केंद्रित विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किये जाएंगे। भारत सहित भूटान, बांग्लादेश, नेपाल, मालदीव, श्रीलंका एवं देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधि विश्व विरासत स्थलों के संरक्षण के क्षेत्र में उपलब्धियों, चुनौतियों एवं आगामी रणनीति जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसमें शामिल होने के लिए प्रतिनिधि भोपाल पहुंच गए है। जिन्होंने रविवार को सांची के बौद्ध स्तूप का भ्रमण किया।
बता दें नवंबर 2022 में यूनेस्को वर्ड हेरिटेज कन्वेंशन की 50वीं वर्षगांठ है। गत 50 वर्षो में सांस्कृतिक विरासत का अर्थ ‘’स्मारक केन्द्रित’’ से परिवर्तित होकर “लोक केंद्रित” (People Centric) एवं “समग्र दृष्टिकोण” (Holistic approach) पर केन्द्रित हो चुका है। ऐतिहासिक नगर, आद्योगिक विरासत, ऐतिहासिक मार्ग, ऐतिहासिक परिदृश्य इत्यादि नए आयाम जुड़ चुके है।
यह होंगे कार्यक्रम
17 अप्रैल
- विश्व विरासत कन्वेंशन के 50 साल पूर्ण होने पर सत्र
- पिछले 50 वर्षों में उपलब्धियां और भविष्य के लिए चुनौतियां पर भारत, भूटान, बांग्लादेश, नेपाल, मालदीव, श्रीलंका का प्रस्तुतिकरण
- सिविल सोसायटी और संस्थानों द्वारा वार्ता/प्रस्तुतियां
- स्थानीय समुदाय के लिए विश्व विरासत और सतत विकास पर सत्र
- विश्व विरासत और सतत पर्यटन पर सत्र
- यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क पर एक विशेष सत्र
- जनजातीय संग्रहालय और राज्य संग्रहालय का भ्रमण
18 अप्रैल
- विश्व विरासत और सांस्कृतिक लैंडस्केप पर सत्र
- ऐतिहासिक शहर और ऐतिहासिक शहरी लैंडस्केप पर सत्र
- ग्वालियर और ओरछा पर यूनेस्को ऐतिहासिक शहरी लैंडस्केप पायलट प्रोजेक्ट पर सत्र
- विश्व विरासत और जलवायु परिवर्तन और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत पर सत्र
- विश्व धरोहर के बारे में वह सब कुछ जो आप जानना चाहते हैं- समूह वार्ता।