नर्मदापुरम जिले के बानापुरा रेंज के बांसपानी जंगल में मृत पाए गए बाघ का शिकार किए जाने की पुष्टि हुई है। शिकारियों ने बाघ के नाखून, चार केनाइन दांत और पूंछ के बाल काटकर ले गए हैं। इस मामले में वन विभाग और स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (टीएसएफ) की टीमें शिकारियों का पता लगाने के लिए सक्रिय रूप से जांच कर रही हैं। मध्य प्रदेश में 2024 में अब तक 42 बाघ की मौत हो चुकी है।
नर्मदापुरम जिले के बानापुरा रेंज के बांसपानी जंगल में 11 दिसंबर को एक बाघ का शव मिला था, जिसकी उम्र लगभग 9 साल बताई जा रही है। पोस्टमॉर्टम के दौरान यह सामने आया कि शिकारियों ने बाघ के 4 केनाइन दांत, 3 नाखून और पूंछ के बाल काटकर ले गए। वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकारियों की तलाश में तीन टीमों को तैनात किया है। इसके साथ ही जांच में मदद के लिए स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (टीएसएफ) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। टाइगर के नाखून, दांत और पूंछ के बाल काटे जाने से यह संदेह जताया जा रहा है कि किसी तंत्र-मंत्र या झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति का हाथ हो सकता है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि बाघ की मौत लगभग चार-पांच दिन पहले हुई थी। उसके शव को झाड़ियों के नीचे दबा दिया गया था और घटनास्थल से कुछ दूर तक खींचकर ले जाया गया था। बाघ के शव के बाकी अंगों को शिकारियों ने नहीं निकाला था, जिससे इसकी मौत के कारण को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघ के शव को देखने से यह प्रतीत होता है कि शिकारियों ने उसे मारने के बाद दूर फेंक दिया था और शव को झाडियों से ढंक दिया था। जांच में यह भी सामने आया कि कीड़े शव के अंदर तक पहुंच गए थे, जिससे बाघ के नर या मादा होने की पुष्टि नहीं हो पा रही है। शिकारियों का पता लगाने के लिए वन विभाग और टीएसएफ की टीम ने बांसपानी गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन जारी रखा है। डॉग स्क्वायड ने भी घटनास्थल से कुछ दूरी तक खोजबीन की, लेकिन फिलहाल शिकारियों का कोई सुराग नहीं मिला है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक के लिए बाघ के नाखून, दांत और अन्य अंगों का इस्तेमाल किया जाता है और यह संभावना जताई जा रही है कि शिकार का मकसद तंत्र-मंत्र विद्या से संबंधित हो सकता है। उन्होंने बताया कि प्रोफेशनल शिकारी का इसमें हाथ नहीं लगता। बाघ की पहचान के लिए बानापुरा रेंज में हुई कैमरा ट्रैपिंग से प्राप्त पुराने फोटोज की जांच की जा रही है, ताकि मृत बाघ की पहचान की जा सके। प्रथम दृष्टया यह संदेह जताया जा रहा है कि बाघ की मौत करंट लगने के कारण हुई है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। वन विभाग का दावा है कि वह जल्द ही शिकारियों को पकड़ने में सफल होंगे।
सड़क हादसे में बाघिन की मौत
रायसेन जिले के भोजपुर में एक सड़क हादसे में एक साल की बाघिन की मौत हो गई। यह हादसा भोपाल-जबलपुर हाइवे पर बिनेका गांव के पास हुआ, जब अज्ञात वाहन ने बाघिन को टक्कर मार दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के समय बाघिन के साथ दो बच्चे भी मौजूद थे, जिनमें से एक बच्चा दुर्घटना का शिकार हुआ। वन विभाग ने मृतक बाघिन का पोस्टमॉर्टम कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया है और अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। विभाग सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रहा है ताकि वाहन का पता लगाया जा सके।