मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और भारतीय सेना के सहयोग से ‘आर्मी मैराथन 2025’ का आयोजन रविवार सुबह 6 बजे से किया गया। यह मैराथन योद्धा स्थल (एयरपोर्ट रोड) से प्रारंभ होकर लालघाटी चौराहा, कोहेफिजा चौराहा (वीआईपी रोड), कमला पार्क, पॉलीटेक्निक चौराहा होते हुए पुनः योद्धा स्थल पर समाप्त हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने द्रोणाचल में आयोजित आर्मी मैराथन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे देश और दुनिया को भारतीय सेना पर गर्व है। बेहद अनुशासित इकाई के रूप में सेना ने अपनी विशेष पहचान बनाई है। अपनी क्षमता और योग्यता से दुनिया की कई चुनौतियों का समाधान कर भारतीय सेना ने कठिनतम समय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। देश को आजादी मिलने के समय, विश्व के कई देश स्वतंत्र हुए लेकिन भारत आज विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित है, इस पर सभी भारतवासियों को गर्व है। भारतीय सेना का अनुशासन, सजकता, स्फूर्ति और तत्परता ही इस गौरव का आधार है। साहस और शक्ति से संपन्न भारतीय सेना ने हर राजनीतिक परिस्थिति में अपनी सीमा और अनुशासन में रहते हुए मूल भूमिका का निर्वहन किया और देश हित में श्रेष्ठतम योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने मैराथन विजेताओं को पुरस्कार वितरित भी किऐ। इस अवसर पर उत्साह और जोश से भरपूर भांगड़ा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। सेना के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भेंट किए।
बेटा-बेटी समान अधिकार और सम्मान के हकदार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सीमा पर तैनात सेना के जवानों के साथ दिवाली मनाने की की पहल सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 1949 में जनरल के.एम. करियप्पा के भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ के रूप में कार्यभार ग्रहण करने की याद में 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। इस क्रम में सुदर्शन चक्र कोर द्वारा आर्मी मैराथन आयोजन की पहल सराहनीय है। उन्होंने इसकी निरंतरता बनाए रखने की अपील की और अधिक से अधिक लोगों से मैराथन में सहभागी होने का आह्वान किया।