सीएम डॉ. यादव के साथ आईएएस डॉ. राजेश राजौरा
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मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव (सीएस) को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। वर्तमान मुख्य सचिव वीएस राणा इस माह के अंत में सेवानिवृत्त होने वाली है। ऐसे में 1989 बैच के आईएएस अनुराग जैन, 1990 बैच के आईएएस अधिकारी राजेश राजौरा और डॉ. एसएन मिश्रा के नाम रेस में बने हुए हैं। इसमें राजेश राजौरा को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इसलिए चर्चा है कि प्रदेश का नया मुख्य मध्य प्रदेश से ही होगा। हालांकि, चर्चा यह भी है कि यदि किसी नाम पर सहमति नहीं बनती है तो वीरा राणा को फिर सेवा विस्तार दिया जा सकता है।
मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव वीरा राणा का सीएस पद पर छह माह का एक्सटेंशन 30 सितंबर को समाप्त हो रहा है। इसके दो दिन शेष रहने के बावजूद अभी तक प्रदेश की डॉ. मोहन सरकार की तरफ से नए सीएस के नाम को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने संभावित नामों पर चर्चा कर ली है और दिल्ली नाम भी भेज दिए हैं।
राजेश राजौरा सबसे आगे, सीएम के हैं भरोसेमंद
इस रेस में 1990 बैच के आईएएस अधिकारी राजेश राजौरा सबसे आगे चल रहे है। हालांकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में पदस्थ प्रदेश के सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी 1989 बैच के आईएएस अनुराग जैन और डॉ. एसएन मिश्रा भी रेस में बने हुए हैं। 1990 बैच के डॉ. राजेश राजौरा, जो वर्तमान में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव हैं, सीएम यादव के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से एक माने जाते हैं। मौजूदा सरकार में उनकी लगातार बढ़ती ताकत से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री उनकी काबिलियत पर कितना भरोसा करते हैं। यदि मुख्य सचिव की नियुक्ति पर सीएम की चली, तो डॉ. राजौरा का नाम सबसे ऊपर हो सकता है।
अनुराग जैन दिल्ली की पसंद
दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव पद पर कार्यरत अनुराग जैन 1989 बैच के अधिकारी हैं। पिछली बार इकबाल सिंह बैस के सेवानिवृत्त होने के समय भी उनका नाम मुख्य सचिव की दौड़ में था, लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा उनको केंद्र से नहीं छोड़ने के चलते उनका नाम हट गया था। इस बार उन्हें दिल्ली से समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है। यदि मुख्यमंत्री की तरफ से उनका नाम दिया जाता है तो अनुराग जैन इस दौड़ में आगे हो सकते हैं।
डॉ. एसएन मिश्रा भी दौड़ में
मध्य प्रदेश के गृह और परिवहन विभाग में एसीएस के रूप में कार्यरत डॉ. एसएन मिश्रा का नाम भी चर्चा में है। संघ के साथ उनके पारिवारिक संबंध उनकी उम्मीदवारी को मजबूती देते हैं। हालांकि, उनका रिटायरमेंट जल्द होने के चलते उनके नाम पर संशय जताया जा रहा है, लेकिन उनकी संभावना को नकारा नहीं जा सकता।