प्रदेश में इस साल गेहूं खरीदी को लेकर नई चुनौती सामने आई है। पॉलीप्रोपाइलीन (पीपी) बैग की कमी के कारण खरीदी और भंडारण की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।जानकारी के अनुसार पहले गेहूं को जूट के बोरों में रखा जाता था, लेकिन इस बार सरकार ने पीपी बैग में गेहूं रखने का निर्णय लिया था। ये बैग पेट्रोलियम उत्पादों से बनते हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात और पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़ी परिस्थितियों के कारण इन बैगों का उत्पादन प्रभावित हो गया है। बताया जा रहा है कि गेहूं खरीदी शुरू होने से पहले पर्याप्त बोरों की व्यवस्था जरूरी होती है। पहले खरीदी 16 मार्च से शुरू होने वाली थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ा दिया गया है। अब 1 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू की जाएगी।