ग़ज़ल संग्रह ‘ठहरा हुआ वक़्त’ का लोकार्पण
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साहित्य केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि समाज की चेतना है। वरिष्ठ साहित्यकार एवं संस्कृतिकर्मी रामप्रकाश त्रिपाठी ने यह बात मप्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन भोपाल जिला इकाई के बैनर तले इंद्रपाल सिंह 'तन्हा' के ग़ज़ल संग्रह 'ठहरा हुआ वक़्त' के लोकार्पण एवं चर्चा कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कही। त्रिपाठी ने कहा कि इंद्रपाल सिंह का गजल संग्रह हमारे समय की स्थिति को दर्शाता दस्तावेज हैं। इसमें गजल केवल शायरी नहीं है, बल्कि वह प्रतिरोध की भाषा भी है। तन्हा जी की गजलें शोर नहीं करती, परन्तु हमारे भीतर उतरती हैं।