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MP News: भागवत ने छेड़ा अखंड भारत का राग, कहा- पाकिस्तानी खुद कह रहे हैं कि अलग होकर गलती कर दी

Fri, 31 Mar 2023 07:45 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर अखंड भारत का राग छेड़ा है। प्रदेश के विधानसभा और अगले साल के लोकसभा चुनावों की दृष्टि से यह बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सिंधियों के कार्यक्रम में कहा कि छोटे-मोटे प्रलोभन छोड़ो और अखंड भारत की बात करो। 
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने भोपाल में फिर अखंड भारत का राग छेड़ा है। लोकसभा चुनावों से ठीक एक साल पहले उन्होंने सिंधियों के एक कार्यक्रम में कहा कि छोटे-मोटे प्रलोभन छोड़ने का वक्त है। अखंड भारत का सपना देखें। आप तैयार रहिए। क्या और कैसे होगा, यह मैं नहीं जानता। लेकिन, अखंड भारत सच है और यह साकार होगा। 

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संघ प्रमुख भागवत राजधानी भोपाल में शुक्रवार को शहीद हेमू कालाणी के जन्मशताब्दी वर्ष के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे देश का नाम सिंध नदी से सीधे-सीधे जुड़ा है। भारत के विभाजन के समय सिंध अलग होने से भारत का शरीर विखंडित हो गया है। शरीर विखंडित हो जाए तो उसे जोड़ना पड़ता है। इस वजह से उसे जोड़कर अखंड भारत का स्वरूप पूरा करना है। जो विभाजन हुआ वह कृत्रिम है क्योंकि जिसने विभाजन किया उसने तीन माह में सब कुछ जाने बगैर विभाजन की रूपरेखा तय कर दी। वह नहीं जानता था। और अब तो पाकिस्तान के लोग भी कह रहे हैं कि ये गलती हो गई।  

सिंधु है इसका मतलब है हिंदू है
सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि शहीदों ने मौत का सामना खुद किया। हेमू कालाणी ने शहीद होकर हमें जीवन जीने की कला सिखाई। उन्होंने स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान दिया। यानी आजादी के लिए बलिदान दिया। भारत को स्व पर रहकर बड़ा बनना है। सिंधु, सिंधी, सिंध बढ़ेगा और चमकेगा। सिंधु है, इसका मतलब ही हिंदू है। 
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पाकिस्तान पर हमला नहीं करने जा रहे 
भागवत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान पर हमला नहीं करने जा रहे। मैं आक्रमणकारी नहीं हूं। खंडित भारत दुःस्वप्न है। भारत फिर से जुड़ेगा तो आपको फिर उस हिस्से को बसाना होगा। आप इस ओर दूसरे हिस्से को भी जानते हैं। उकसावा कितना भी बड़ा हो, लेकिन उकसाने वालों की चाल में नहीं आना है। उनका खेल नहीं खेलना है। वहां के लोगों को फिर से कोशिश करके भारत को बसाना पड़ेगा।

मध्यप्रदेश के स्कूलों में पढ़ाया जाएगा हेमू कालाणी का बलिदान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस दौरान कहा कि मध्यप्रदेश के स्कूल पाठ्यक्रम में सिंध के अंतिम हिंदू राजा दाहिर सेन, शहीद हेमू कालाणी, भगत कंवर राम का चरित्र और जीवन परिचय शामिल किया जाएगा। सिंधु दर्शन के लिए प्रत्येक तीर्थयात्री को 25 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। सिंधी साहित्य अकादमी का बजट पांच करोड़ रुपये किया जाएगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में सिंधु संस्कृति और सभ्यता को दर्शाया जाएगा। शहीद हेमू कालाणी की प्रतिमा मनुआभान की टेकरी पर लगाई जाएगी। इसके अलावा जबलपुर और इंदौर में भी प्रतिमा स्थापित होगी। 

सिंधी समाज को बसाएंगे, स्थायी पट्टे देंगे 
मुख्यमंत्री ने सिंधी समाज के विस्थापितों को पट्टे प्रदान करने के संबंध में प्रीमियम में रियायत संबंधी महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सीएम ने कहा कि मौजूदा पट्टे की जमीन का एक प्रतिशत लेकर पट्टे का वैधानिक अधिकार देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल सीहोर मार्ग पर 1614 वर्गफुट आवासीय परिसर का बाजार मूल्य एक करोड़ आठ लाख रुपये है। इसके लिए एक लाख आठ हजार रुपये के तौर पर एक प्रतिशत राशि लेकर पट्टे स्थायी रूप से दिए जाएंगे। इसी प्रकार 2152 वर्गफुट आवासीय जमीन की कीमत एक करोड़ 44 लाख रुपये है तो इसके लिए एक लाख 44 हजार रुपये पर स्थायी पट्टा दिया जाएगा। 215 वर्गफुट दुकान की कीमत 14.40 लाख है तो 72 हजार रुपये लेकर स्थायी पट्टा दिया जाएगा।  

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