मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रमिक मध्य प्रदेश को गढ़ने वाले सच्चे सेवक हैं और उनकी मेहनत पर ही प्रदेश के विकास की नींव टिकी है। राज्य सरकार हर परिस्थिति में श्रमिकों के साथ खड़ी है और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के अंतर्गत सहायता राशि वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 55 जिलों के 7,227 संबल हितग्राहियों के बैंक खातों में 160 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की। उन्होंने बताया कि संबल योजना की शुरुआत वर्ष 2018 से अब तक 7.76 लाख प्रकरणों में 7,383 करोड़ रुपये की सहायता जरूरतमंद श्रमिक परिवारों को दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल योजना श्रमिकों के कठिन समय की सच्ची साथी है और यह सरकार तथा श्रमिकों के बीच भरोसे का मजबूत रिश्ता है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ श्रम का स्वरूप भी बदला है। सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को असंगठित श्रमिक का दर्जा देते हुए उन्हें भी संबल योजना में शामिल किया है। एक मार्च 2024 से अब तक 1400 से अधिक गिग वर्कर्स का पंजीयन किया जा चुका है। संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत योजना से भी जोड़ा गया है, जिससे उन्हें 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है। इसके साथ ही 25 लाख से अधिक ई-श्रमिक परिवारों को राशन पात्रता प्रदान कर निःशुल्क राशन का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला श्रमिकों के लिए सरकार विशेष रूप से संवेदनशील है। गर्भवती महिलाओं को काम से राहत और पोषण के उद्देश्य से 16 हजार रुपये की प्रसूति सहायता दी जा रही है। पत्थर तोड़ने वाले, ईंट-भट्टा मजदूर, घरेलू कामगार, तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले श्रमिक सहित सभी असंगठित श्रमिक इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
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सातवीं बार सहायता राशि वितरित
कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में संबल योजना के अंतर्गत सातवीं बार सहायता राशि वितरित की गई है। उन्होंने बताया कि संबल 2.0 के तहत 43 लाख श्रमिकों का पंजीयन हो चुका है और अब अधिकांश प्रकरणों में 60 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है