सीएम ने पदोन्नत वन कर्मियों को सम्मानित किया
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मध्यप्रदेश में वन विभाग को मजबूत करने के लिए सरकार खाली पदों पर नई भर्ती करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वन प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा और जंगल, वन्यजीव व प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा के लिए वन अमले को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने यह बात सोमवार को भोपाल में पदोन्नत वन अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान समारोह में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को इसका लाभ मिला है। विभाग के 4,506 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। इनमें 188 सहायक वन संरक्षक, 2,821 वनपाल, 761 उप वन क्षेत्रपाल और 736 अन्य संवर्ग के कर्मचारी शामिल हैं।
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खाली पदों पर जल्द होगी भर्ती
सीएम यादव ने बताया कि वन विभाग में कुल 25,389 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 18 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों को भरने के लिए नई भर्ती के आदेश दिए गए हैं। सरकार का जोर वन विभाग में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने पर है।
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वनकर्मी जंगलों की मजबूत दीवार
मुख्यमंत्री ने वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों को ‘ग्रीन सोल्जर्स’ बताते हुए कहा कि प्रदेश के जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा में इनकी अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को टाइगर, लेपर्ड, घड़ियाल, गिद्ध और चीता स्टेट के रूप में पहचान मिली है। इस उपलब्धि में वनकर्मियों की मेहनत का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है, जब जंगल, नदियां और जैव विविधता भी सुरक्षित रहें। सरकार का प्रयास है कि प्राकृतिक संपदा को आने वाली पीढ़ियों के लिए और बेहतर स्थिति में छोड़ा जाए।
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AI से हाथियों की निगरानी
वन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वन संरक्षण में नई तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। हाथियों की निगरानी के लिए एआई आधारित ‘गज रक्षक’ प्रणाली, चीतों के संरक्षण से जुड़े प्रोजेक्ट और पीएम गतिशक्ति के तहत वन मानचित्रों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस साल अब तक ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 5.62 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। 43 जिलों में 94 वन वाटिकाओं को भी मंजूरी मिली है।