पूर्व सीएम कमलनाथ और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
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मध्य प्रदेश में अगस्त माह में बारिश नहीं होने से सूखे की परिस्थिति बन गई है। किसान फसलों को पानी देने पंप और कुआं से सिंचाई कर रहे हैं। इससे बिजली की मांग भी बढ़ गई है। सप्लाई और मांग में अंतर से कई ग्रामीण इलाकों बिजली कटौती शुरू हो गई है। इसको लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर तंज कसा है। नाथ बोले यह मौजूदा सरकार की अक्षमता और अदूरदर्शिता का परिणाम है।
बिजली को भी झटका दे रहे शिवराज
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि शिवराज जी दुनिया के पहले आदमी हैं जो बिजली को भी झटका दे रहे हैं। जब प्रदेश में सामान्य परिस्थितियां थीं तो मुख्यमंत्री यह कहते नहीं थकते थे कि मध्य प्रदेश में सरप्लस बिजली है और आज जब वाकई बिजली की आवश्यकता है तब शिवराज जी ने पूरे प्रदेश और विशेष कर ग्रामीण क्षेत्र को बिजली कटौती के अंधकार में झोंक दिया।
आग लगने पर कुआं खोद रहे
अब मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि हम बिजली खरीदना चाहते हैं लेकिन बिजली मिल नहीं रही है। मुख्यमंत्री जी मानसून का पूर्वानुमान अप्रैल से ही आना शुरू हो जाता है। प्रदेश में कम वर्षा होगी इसकी जानकारी कोई सितंबर में नहीं लगी है। आप आग लगने पर कुआं खोदने का अभिनय कर रहे हैं। बिजली संकट अल्प वर्षा के कारण नहीं बल्कि सरकार की लापरवाही, अक्षमता और अदूरदर्शिता के कारण आया है।