प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के एक दिवसीय सम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सौदे से चली गयी, लेकिन मैंने सौदे की राजनीति नहीं की। उस समय बहुत सारे अफसरों पर चर्बी चढ़ी थी, उनको बदलना जरूरी हो गया था। हमारे सामने सिस्टम को बदलने की चुनौती थी। ब्यूरोक्रेसी में कुछ अफसरों को निष्ठावान बनाना था। कमलनाथ ने कहा कि मेरी सरकार में 27 लाख किसानों का कर्जा माफ हुआ, यह पहली किस्त थी, दूसरी किस्त चालू करने वाला था, हमारी सरकार गिर गई, साडे 11 महीने में हमने अपनी नीति और नियत का परिचय दिया
नौजवानों का भविष्य निर्माण सबसे बड़ी चुनौती
पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार ने तीन लाख तीस हजार करोड़ का कर्जा लिया। क्या इसमें से कुछ राशि आपको दी, क्या अतिथि शिक्षकों मिला? हर गांव में हमारे नौजवान बेरोजगार घूम रहे हैं। हमारी माताओं-बहनों ने अपने बच्चों को कितने प्यार से पाला पोसा है, लेकिन उसका बच्चा आज नौजवान भटक रहा है। आज का नौजवान कैसा भविष्य का निर्माण करेगा सबसे बड़ी चुनौती है, मुझे प्रदेश में बेरोजगारी की सबसे बड़ी चिंता है, कृषि क्षेत्र की भी चिंता है।
ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों को मानदेय देंगे
नाथ ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों को मानदेव और वर्दी दी जायेगी, ताकि उनका सम्मान बना रहे, क्योंकि नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के सदस्य ही गांव के रक्षक होते हैं, संस्कृति के रक्षक होते हैं और आपको गांव का ही नहीं संस्कृति का भी रक्षक बनकर प्रदेश और देश के भविष्य का निर्माण करना है जो आपकी बड़ी जिम्मेदारी है।
शिवराज जब तक झूठ नहीं बोलते खाना हजम नहीं होता
कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान का क्या हैं, वे तो जब तक झूठ नहीं बोलते उनका दिन का खाना हजम नहीं होता। पांच महीने बाद चुनाव होने वाला है अब उनको बहने याद आ रही हैं, किसान याद आ रहे हैं, कर्मचारी याद आ रहे हैं। शिवराज जी कह रहे हैं हम इसका मानदेय बढ़ाएंगे, इसकी तनखा बढ़ाएंगे यह सब फर्जी गुमराह और उनके झूठ बोलने की आदत है, वे जब तक झूठ नहीं बोलते उनका खाना हजम नहीं होता, 18 साल में उन्होंने 22000 घोषणा की है, झूठ भी इनसे शर्मा जाता है।