राजधानी भोपाल में ऑनलाइन लोन देने वालों गिरोह के चंगुल में फंस कर एक परिवार के चार लोगों की मौत के मामले को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को साइबर क्राइम के संबंध में बड़ी बैठक बुलाई। बैठक में बैठक में डीजीपी सुधीर सक्सेना, पीएस गृह राजेश राजौरा, एडीजी ईंट आदर्श कटियार,भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी, ओएसडी मुख्यमंत्री अंशुमन सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
ऑनलाइन एप लोन की 60% राशि ही देते है
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में भोपाल में पिछले दिनों हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक परिवार द्वारा आत्महत्या किए जाने की जानकारी ली। भोपाल पुलिस कमिश्नर ने ऑनलाइन लोन एप के बारे में बताया कि बैंक के अलावा अधिकतर लोन एप आरबीआई से से अधिकृत नहीं है। इस तरह के ज्यादातर बैंक एप विदेश से संचालित हो रहे है।
इस तरह के ज्यादातर बैंक एप विदेश से संचालित है। अधिकारियों ने बताया कि यह लोन एप कुल लोन की राशि का सिर्फ 60 से 65 प्रतिशत राशि ही अकाउंट में ट्रांसफर करते है। जबकि लोन का ब्याज और मूल राशि 100 प्रतिशत पर वसूल करते है।
लोगों को जागरूक करने अवेयरनेस कैंपेन चलाए
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में निर्देश दिए कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अवेयरनेस कैंपेन चलाया जाए। इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू करें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जो लोग धमका रहे है, डरा रहे हैं उन्हें पकड़े। अपराधियों को पकड़ने के लिए रणनीति बनाने और उन्हें पकड़ने के लिए अभियान चलाए। उन्होंने अधिकारियों को जरूरत होने पर केंद्र सरकार से भी समन्वय करने को कहा।
यह है मामला
बता दें भोपाल में भोपाल के नीलबड़ में भूपेंद्र विश्वकर्मा ने अपने दो बच्चों को कोल्ड्रिक में सल्फास देकर खुद अपने पत्नी के साथ फांसी पर झूल गए थे। इस घटना के बाद गृहमंत्री ने एसआईटी गठित कर कॉल करने वाले और धमकाने वाले लोगों की पहचान करने और इस तरह के एप को चिन्हित करने के निर्देश दिए है।