मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के दस दिन में किसानों को कर्जमाफी देने के वादे को लेकर सवाल उठाए तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ भड़क गए। उन्होंने कहा कि इन्हें सरेआम झूठ बोलने में जरा भी लज्जा का अनुभव नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि दस दिन में कर्जमाफी को मध्य प्रदेश की सरकार खुद विधानसभा स्वीकार कर चुकी है तो शिवराज क्यों झूठ बोल रहे हैं?
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि 'शिवराज जी, आपकी सरकार ने खुद विधानसभा में स्वीकार किया है कि 27 लाख किसानों का कर्ज कांग्रेस सरकार ने माफ किया था। यहां तक कि वर्तमान कृषि मंत्री कमल पटेल के परिवार तक का कर्ज माफ हुआ है। इसके बावजूद आप जब चाहे झूठ बोलने लगते हैं। क्या सरेआम इस तरह झूठ बोलने में आपको बिल्कुल भी लज्जा का अनुभव नहीं होता? आपने यह भी कहा है कि कोई घोटालेबाज नहीं बचेगा, तो मध्य प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि डंपर घोटाला, व्यापमं घोटाला, पोषण आहार घोटाला, पुलिस भर्ती घोटाला, नर्सिंग कॉलेज घोटाला और ई-टेंडरिंग घोटाला आपके ही मुख्यमंत्री कार्यकाल में हुए हैं। घोटालेबाजों को आप पकड़ रहे हैं या संरक्षण दे रहे हैं?
बुधवार को मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि कांग्रेस केवल झूठ की गारंटी देती है। इंदिरा जी ने 1971 में गरीबी हटाओ नारा दिया, गरीबी हटी क्या? उन्होंने कहा कि इनकी गारंटी केवल झूठ बोलने की है। 10 दिन में कर्जा माफ किया क्या? बेरोजगारी भत्ता दिया क्या? फसलों पर कोई बोनस दिया क्या? इन्होंने कौन-सा वचन पूरा किया है?