नियाज खान की बुक ब्राह्मण द ग्रेट का विमोचन
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मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी नियाज खान की पुस्तक ब्राह्मण द ग्रेट का उज्जैन में रविवार को शंकराचार्य ज्ञानानंद तीर्थ ने विमोचन किया। आईएएस नियाज खान ने अमर उजाला ने बातचीत में बताया कि देश के असली सुपर स्टार ब्राह्मण है। बॉलीवुड ने ब्राह्माणों को फिल्मों में विलेन बताया। आईएएस नियाज खान ने कहा कि देश के असली सुपर स्टार साधु, ऋषि-मुनि, जनेऊधारी गरीब ब्राह्मण है। बॉलीवुड के गुटखा बेचने वाले सुपर स्टार नहीं हो सकते। हजारों साल पुरानी संस्कृति के ब्राह्मणों को बॉलीवुड ने सुनियोजित तरीके से फिल्मों में विलेन बताकर पेश किया। इस पर रोक लगनी चाहिए और अपनी आने वाली फिल्मों में उनको सुपर स्टार बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड के खान ब्राह्मणों की संस्कृति को खत्म करने में लगे है।
देश में ब्राह्मणों को सम्मान देने मापदंड बनें
खान ने ब्राह्मणों को देश में सम्मान देने के लिए मापदंड बनाने की बात कही हैं। उन्होंने कहा कि हिंदु संस्कृति हजारों साल पुरानी है। पैसा, दिखावा पाश्चात्य संस्कृति की देन है। जबकि भारतीय संस्कृति अभाव में रखकर अपनी संस्कृति और परंपरा का सम्मान करना सिखाती है। जो भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा धन है। इसलिए देश में ब्राह्माण, साधु, संत, ऋषि-मुनी को सम्मान के लिए अलग से मापदंड बनाएं जाएं।
पर्यावरण को बचाने वेद सबसे बड़े शस्त्र
खान ने कहा कि आज दुनिया क्लाइमेंट चेंज से परेशान है। कहीं ज्यादा गर्मी हो रही है तो कहीं ठंड। प्राकृतिक आपदा भीषण तबाही कर रही है। यह पर्यावरण के अत्याधिक दोहन के कारण हो रहा है। इससे बचने के लिए भारतीय संस्कृतिक के वेद सबसे बड़े शस्त्र है। जिसमें हजारों साल पहले ही पर्यावरण को बचाने की शिक्षा दे दी गई।
गाय की हत्या करने पर हो सख्त सजा
खान ने कहा कि भारत हिंदू बहुसंख्यक देश है। यहां गाय को माता मानकर पूजा जाता है। इस देश में गाय की हत्या नहीं होना चाहिए। गाय की हत्या करने वालों को सख्त सजा होनी चाहिए। इसके लिए सख्त कानून बनना चाहिए। ताकि कोई गाय की हत्या करने के बारे में सोच भी ना सकें।
देश में नैतिक पुलिस बनें
खान ने कहा कि भारतीय संस्कृति को पाश्चात्य संस्कृति से खतरा है। हजारों साल की धरोहर को पाश्चात्य संस्कृति से बचाने की जरूरत है। इसके लिए कुछ देश की तरह नैतिक पुलिस बनाने का समय आ गया है। ताकि भारतीय संस्कृति के साथ कोई छेड़छाड़ ना कर सकें। नैतिक पुलिस के पास संस्कृति से छेड़छाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का प्रावधान हो।
वर्ण व्यवस्था नकारात्मक नहीं
खान ने कहा कि भारत में वर्ण व्यवस्था नकारात्मक नहीं है। भारत में यह दुनिया का सबसे पहला कार्य विभाजन है। जब पाश्चात्य अंधेरे में डूबा था। तब राज्य को शांति पूर्वक और सम्मान के साथ चलाने के लिए वर्ण कार्य विभाजन की व्यवस्था दी गई।