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Mp news:अतिथि विद्वानों के स्थानांतरण में नया विवाद, पोर्टल पर शो नहीं हो रहे रिक्त पद,महिलाओं की बढ़ी परेशानी

Sat, 19 Oct 2024 06:09 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

अतिथि विद्वानों के स्थानांतरण की प्रक्रिया में नया विवाद शुरू हो गया है।  पोर्टल पर रिक्त पद शो नहीं होने से महिला अतिथि विद्वानों के अपने शहर में रिक्त पद होने के बावजूद 800 से हज़ार किलोमीटर दूर सेवा देनी पड़ रहीं हैं।
 
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पूर्व सीएम केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज से मुलाकात करते अतिथि विद्वान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूरी कर रहे अतिथि विद्वानों की चल रही स्थांतरण की प्रक्रिया ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मार्च 2023 में बहुतायत की संख्या में पद रिक्त थे और पोर्टल में शो भी हो रहे थे लेकिन एक वर्ष बाद औऱ रिक्त पदों की संख्या बढ़नी चाहिए लेकिन आलम यह है कि वो भी नही दिख रही है जिससे अतिथि विद्वानों को इसका लाभ नही मिल पाएगा। महिला अतिथि विद्वानों को काफी दिक़्क़तों से जूझना पड़ रहा है जो अपने शहर में रिक्त पद होने के बावजूद 800 से हज़ार किलोमीटर सेवा दे रहीं हैं। गौरतलब है कि अतिथि विद्वानों स्थन परिवर्तन की घोषणा वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की थी।
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बिना तैयारी के जारी कर दिया कैलेंडर
गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग बिना तैयारी के अतिथि विद्वानो के ट्रांसफर एवं नई भर्ती का कैलेंडर तो जारी कर दिया लेकिन विभाग अभी तक रिक्त पदों का डेटा  सामने नहीं ला रहा है। जबकि प्राचार्यों के द्वारा बोला जा रहा है कि हमने अपडेट कर दिया उच्च शिक्षा विभाग जारी नही कर रहा है। वहीं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्राचार्यों के द्वारा किया नही गया तो इसमें दिक्कत अतिथि विद्वानों को हो रही है। 

अतिथि विद्वानों पर बनाया जा रहा दबाव 
 अतिथि विद्वान महासंघ के अध्यक्ष डॉ देवराज सिंह का कहना है कि बिना पूर्व तैयारी के विभाग ने ये ट्रांसफर की प्रोसेस शुरू कर दी लेकिन रिक्त पदों को दबाया जा रहा है इसके पीछे मंशा क्या है ये समझ से परे है।अतिथि विद्वान महासंघ की स्पष्ट मांग है अभी इस प्रक्रिया में पूरे रिक्त पदों को शो किया जाए, तारीख़ बढ़ाई जाए जिससे अतिथि विद्वानों को लाभ मिल सके मुख्यमंत्री जी के घोषणा के अनुसार। संघ के मीडिया प्रभारी डॉ. आशीष पांडेय ने कहां है कि इन सब समस्याओं का निराकरण एक झटके में हो सकता है जो बहुत आसान है, रिक्त पदों के विरुद्ध कार्य कर रहे अतिथि विद्वानों को उन्ही पदों में समायोजन कर दिया जॉए,शोषणकारी अतिथि नाम से निजात एवं फिक्स मासिक वेतन दिया जॉए जो पूर्व मुख्यमंत्री, वर्तमान मुख्यमंत्री जी घोषणा कर चुके थे तो सब समश्या का समाधान हो जाएगा।लेकिन अतिथि विद्वानों की अक्सर छवि को खराब करने का प्रयास किया जाता है जो समझ से परे है।
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