भोपाल में ड्रग्स फैक्ट्री पर कार्रवाई (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
राजधानी भोपाल के बगरोदा इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्टरी में 1800 करोड़ रुपये की ड्रग्स का खुलासा होने के बाद एमपीएसआईडीसी अब प्रदेश की फैक्ट्रियों में लीज अनुबंध की शर्तों का परीक्षण कराएगा। इसको लेकर एमपीआईडीसी के एमडी ने प्रदेश के पांच रीजन के कार्यकारी संचालकों को पत्र जारी किया है। इसमें नए लीज अनुबंध वाली फैक्ट्रियों के परीक्षण कर 15 दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। बगरोदा की फैक्टरी प्लॉट नंबर एफ-63 जयदीप सिंह के नाम पर है। जयदीप सिंह ने फैक्टरी की जगह एसके सिंह नाम के शख्स को किराए पर दी थी, यही एमडी ड्रग बनाने का काम हो रहा था। अब इस मामले में एमपीआईडीसी ने एक्ट के अनुसार नोटिस जारी किया है। इसमें 60 दिनों के अंदर जवाब मांगा है।
किराए पर नहीं दे सकते लीजधारक
दरअसल उद्योग के कानून के अनुसार लीज पर दी जगह को किराए पर नहीं दिया जा सकता है। यह लीज अनुबंध का उल्लंघन है। नियमानुसार लीज ट्रांसफर कराने के एमपीआईडीसी से अनुमति लेना आवश्यक होता है। जबकि इस मामले में कोई सूचना नहीं दी गई। अब इस मामले में जयदीप सिंह के जवाब के बाद लीज निरस्ती की कार्रवाई की जाएगी।
बगरोदा इंडस्ट्रियल एरिया में परीक्षण जल्द
भोपाल के बगरोदा इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार को एमपीआईडीसी के अधिकारियों, पुलिस और इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के बीच बैठक हुई। इसमें इस बात पर सहमति बनी है कि फैक्ट्रियों का परीक्षण किया जाएगा कि किसी ने अपनी फैक्टरी को किराए पर तो नहीं दिया है। हालांकि, परीक्षण के नाम पर किसी फैक्टरी संचालक को परेशान न करने की हिदायत अधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारियों ने दी है। इस संबंध में शिकायत मिलने पर उनके ऊपर भी कार्रवाई की जाएगी।
सभी ईडी को परीक्षण के निर्देश
एमपीआईडीसी के एमडी चंद्रमौली शुक्ला ने कहा कि नए लीज अनुबंध वाली फैक्ट्रियों का परीक्षण करने के निर्देश सभी ईडी को दिए है। बगरोदा की फैक्टरी संचालक को नोटिस दिया गया है। इसके बाद एक्ट के अनुसार लीज रद्द करने संबंधी प्रक्रिया की जाएगी।