राजधानी भोपाल से भाजपा सांसद आलोक शर्मा ने जिम और ट्रेनिंग से जुड़े मामलों पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इंदौर की तर्ज पर अब भोपाल में भी जिम और ट्रेनर्स की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि खासतौर पर मुस्लिम समुदाय के उन ट्रेनर्स पर नजर है, जो महिलाओं को ट्रेनिंग देते हैं। सांसद शर्मा के मुताबिक, "इंदौर में सही कदम उठाया गया है। अब भोपाल में भी हम जानकारी जुटा रहे हैं और जल्द ही पुलिस को सूची सौंपेंगे। सरकार कानून के तहत काम करेगी, लेकिन हम भी अपना दायित्व निभाएंगे। किसी को लव जिहाद की छूट नहीं दी जाएगी।"
भोपाल सिर्फ नवाबों का शहर नहीं
सांसद ने कहा कि भोपाल सिर्फ नवाबों या किसी एक समुदाय का शहर नहीं है। यह सम्राट अशोक, चंद्रगुप्त मौर्य, परमार वंश और रानी कमलापति की धरती है। उन्होंने औबेदिया स्कूल, रशीदिया स्कूल, सुल्तानिया जनाना अस्पताल और हमीदिया अस्पताल जैसे संस्थानों के नाम बदलने की मांग की और कहा कि इन स्थानों के नाम भारतीय महापुरुषों के नाम पर होने चाहिए। आलोक शर्मा ने कहा कि ये नाम राजनीतिक मंशा से बदले गए थे। अगर मैं सच कहता हूं, तो लोगों को मिर्ची क्यों लगती है? नजर का इलाज किया जा सकता है, पर नजरिए का नहीं। फर्क समझिए जनाब। शर्मा ने कहा कि हम हिंदू-मुसलमान की नहीं, काम की बात करते हैं, लेकिन जब सच्चाई सामने रखते हैं तो कुछ लोगों को तकलीफ होती है। मैं भोपाल का बेटा हूं, सांसद हूं, अगर मैं नहीं बोलूंगा तो कौन बोलेगा।
भोपाल में एक कानून चलेगा – सांसद का प्रशासन को संदेश
सांसद आलोक शर्मा ने शहर के प्रशासनिक अधिकारियों को भी सक्रिय भूमिका निभाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, कि कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, एडिशनल एसपी और एसडीएम सिर्फ दफ्तर में बैठकर काम नहीं चला सकते, उन्हें फील्ड में उतरना होगा। पूरे भोपाल में एक जैसा कानून लागू होना चाहिए। कोई पाकिस्तान में नहीं है, सब भारत में हैं, चाहे काजी कैंप हो या अन्य इलाका।
गंभीर बनें, विकास के काम करें- आरिफ मसूद
सांसद के जिम और ट्रेनर की सूची बनाने पर विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि जिम खोलना या ट्रेनिंग देना कोई अपराध है, ट्रेंड है तो ट्रेनिंग दे रहा है। यदि उस पर कोई संदेह है तो उसकी जांच कराएं। लोग जिम और ट्रेनर को देखकर जाते हैं ना कि सांसद और विधायक को देख कर। उन्होंने कहा कि मैं सांसद से कहना चाहता हूं कि वह गंभीर बनें। भोपाल के सांसद हैं। भोपाली भी हैं और हमारे मित्र भी हैं। अपनी इमेज को सुधारें। उनको भोपाल के बड़े बड़े काम और विकास की जिम्मेदारी मिली है, उसको करें। वहीं, सांसद के संस्थानों के मुस्लिम नाम बदलने की बात पर विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि हमें नाम से कुछ नहीं मतलब है। हमें काम से मतलब है। उन्होंने रात 10 बजे मार्केट बंद कराने पर कहा कि नियम 11 बजे तक का है तो फिर नियम के अनुसार सब चलेगा। उसको कोई नहीं रोक सकता।