दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की घोषणा के बाद सियासी गलियारों में गर्माहट बढ़ गई है। आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया के इस फैसले पर कई राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने उनके इस्तीफे को सहानुभूति बटोरने का प्रयास करार दिया है। सिंह ने कहा कि यह फैसला एक "सुनियोजित योजना" का हिस्सा है और इसे जनता की सहानुभूति प्राप्त करने के लिए किया गया है। राकेश सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल कब कौन सा नाटक करेंगे, यह केवल वही और उनकी पार्टी जानते हैं। शायद उन्हें यह महसूस हुआ होगा कि जनता के बीच उनकी छवि नकारात्मक हो चुकी है। शराब घोटाले में फंसने के बाद यह इस्तीफा सहानुभूति बटोरने के लिए एक साजिश प्रतीत होती है।
सहानुभूमि बटोरने का असफल प्रयास
शराब घोटाले में बुरी तरह फंसने के बावजूद केजरीवाल का इस्तीफा न देने को लेकर भी सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब इतने दिनों तक जेल में रहने के बाद भी इस्तीफा नहीं दिया, तो अब अचानक दो दिन बाद इस्तीफे की बात कहने के पीछे कोई न कोई योजना है। यह जनता से सहानुभूति बटोरने का असफल प्रयास है। मंत्री सिंह ने केजरीवाल पर यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में लिए गए अधिकतर फैसले उन्हीं के द्वारा लिए गए थे, खासकर शराब घोटाले से जुड़े मामले। उन्होंने कहा कि अब वे जनता के बीच जाकर यह कहेंगे कि उन्हें काम नहीं करने दिया गया, जबकि सभी फैसले उनके ही थे। सिंह ने केजरीवाल की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी वर्किंग पैटर्न को देखकर साफ पता चलता है कि वे किस तरह की परिस्थितियां पहले भी बनाते रहे हैं और अभी भी बना रहे हैं।