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MP News: मंत्री निर्मला भूरिया बोली- सायबर सुरक्षा में प्रशिक्षित युवा सायबर सुरक्षा दूत की तरह कार्य करें

Wed, 22 Jan 2025 11:29 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने भोपाल में आयोजित "नवीं नेशनल साइबर साइकोलॉजी कॉन्फ्रेंस" में युवाओं को साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक करने की बात की। मंत्री ने कहा कि साइबर क्राइम से बचने के लिए सबसे ज़रूरी है जागरूकता और सतर्कता, ताकि हम डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जिम्मेदारी से रह सकें।
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मंत्री निर्मला भूरिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सायबर क्राइम आज के दौर का नवीनतम और खतरनाक क्राइम हो गया है। वर्तमान में आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल हो रहा है। सायबर क्राइम से बचने का एकमात्र तरीका जागरूकता और सतर्कता है। महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया बुधवार को भोपाल के समन्वय भवन में नवीं नेशनल साइबर साइकोलॉजी कॉन्फ्रेंस के एक दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ पर संबोधित कर रही थी। मंत्री भूरिया ने कहा कि म.प्र. राज्य महिला आयोग और रिस्पॉन्सिबल नेटिज्म संस्था मुम्बई के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं में साइबर वेलनेस के बारे में जागरूकता एवं सुरक्षित डिजिटल परिदृश्य को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला सायबर अपराधों से समाज को सुरक्षित करने का अभिनव प्रयास है। मोबाइल के बढ़ते उपयोग से लोगों के काम तो आसान हुए है। लेकिन कहीं न कहीं इससे उनकी सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हुए हैं। सायबर क्राइम के सबसे ज्यादा सॉफ्ट टारगेट बुजुर्ग, महिला और बच्चे है।
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मंत्री भूरिया ने कहा कि महिला बाल विकास विभाग का लक्ष्य बच्चों, युवाओं और महिलाओं को सायबर सुरक्षित बनाना है। इससे न केवल सायबर वेलनेस को बढ़ावा मिलेगा बल्कि युवाओं में ऑनलाइन संकट को रोकने की क्षमता को विकसित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि युवतियों और महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते सायबर अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय परिसर में भारत का "पहला सायबर वेलनेस सेल" लांच किया गया है। मंत्री भूरिया ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित कॉलेज और स्कूल के विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे प्रदेश के बच्चों की सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि इस कान्फ्रेंस के माध्यम से डिजिटल साक्षरता, ऑनलाइन सुरक्षा, सायबर धमकी और ऑनलाइन यौन अपराधों जैसे सायबर खतरों को रोकने के लिये इस सम्मेलन में युवाओं को जिम्मेदार सोशल मीडिया उपयोग पर शिक्षित किया जाएगा।

सायबर क्राइम रोकने का सावधानी से बढ़कर कोई समाधान नहीं 
मुंबई के एथिकेल हैकर और सायबर सिक्युरिटी एक्सपर्ट रिजवान शेख ने बताया कि सायबर क्राइम के जाल से बचने का सबसे सरल समाधान सावधानी बरतना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एआई के माध्यम से डीपफेक जैसे अपराध ज्यादा हो रहे हैं। वर्चुअल वर्ल्ड सिर्फ हैकिंग तक सीमित नहीं है। यह इससे कहीं ज्यादा डीप है। रिजवान ने कहा कि जब भी कोई डिजिटल अरेस्ट जैसी परिस्थिति में फंस जाता है, अथवा ओटीपी या डीप फेक वॉयस के माध्यम से पैसे की मांग करते हैं तो साइबर क्रिमिनल के डर से कभी भी तुरंत पैसा ट्रासंफर न करें। ऐसे समय अपने आप को गरीब और असहाय बताएं। रिस्पांसिबल नेटिज्म की फाउंडर सीएओ सोनाली पाटनकर ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा मध्य प्रदेश के 11 जिलों के 22 कॉलेजों के पांच हजार से अधिक युवा लड़कियों को सफलतापूर्वक शिक्षित किया है। 'सायबर सखी' के नाम से पिछले वर्ष इसकी शुरूआत की गई थी। फाउंडेशन द्वारा मध्य प्रदेश सीएम हेल्पलाइन के कर्मचारियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया गया।
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