सीएम डॉ. मोहन यादव
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मध्य प्रदेश को जल्द ही नौंवा टाइगर रिजर्व मिलने जा रहा है। माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व बनाने की सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मध्य प्रदेश वन्यजीव संरक्षण में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इससे चंबल अंचल में वन्यजीवों की समृद्धि बढ़ेगी। इससे पहले गत बुधवार को कूनो में पांच और चीते छोड़े गए हैं। यह गर्व की बात है कि पहले छोड़े गए चीते न केवल शिकार कर रहे हैं, बल्कि कुशलता से जंगल में विचरण कर रहे हैं। प्रकृति और संतुलन की यह अनमोल झलक हमारे प्रदेश में दिख रही है।
बता दें, पिछले साल राष्ट्रीय बाल संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने शिवपुरी के माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व के मामले में बाघों के संरक्षण के साथ-साथ उनके आवासों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। वर्तमान में प्रदेश में आठ प्रमुख टाइगर रिजर्व हैं। इनमें कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा, संजय दुबरी, रातापानी और नौरादेही टाइगर रिजर्व शामिल हैं। अब माधव नेशनल पार्क के टाइगर रिजर्व बनने से यह संख्या बढ़कर नौ हो जो जाएंगी, जो प्रदेश में बाघों की बढ़ती संख्या और संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रदेश में 2022 में थे 785 बाघ
मध्य प्रदेश में 2022 की बाघों की जनगणना के अनुसार 785 बाघ हैं। 2018 में यह संख्या 526 थी और अब बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे पहले सरकार ने रातापानी को आठवां टाइगर रिजर्व घोषित किया है।