कार्रवाई करती लोकायुक्त की टीम।
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लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को भोपाल नगर निगम के सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री और वर्तमान में संविदा पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में कार्यरत प्रदीप कुमार जैन के आवास और कार्यालय पर छापेमारी की। जैन के खिलाफ लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है।
लोकायुक्त पुलिस ने भोपाल नगर निगम के सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री और वर्तमान में संविदा पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में कार्यरत प्रदीप कुमार जैन के आवास पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्यवाही की। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक को आय से अधिक संपत्ति को लेकर शिकायत मिली थी। इसका सत्यापन कराया गया। इसमें प्रारंभिक जांच में आय से 300 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्रमाण मिले हैं। इसके बाद प्रदीप कुमार जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर शुक्रवार को उनके आवास और कार्यालय पर लोकायुक्त की दो टीमों ने तलाशी कार्यवाही की गई। लोकायुक्त टीम को तलाशी के दौरान पांच करोड़ से ज्यादा की अचल संपत्ति, 86 लाख से ज्यादा के जेवरात के बिल, लाखों के निवेश के दस्तावेज और विदेश यात्रा के दस्तावेज प्राप्त हुए है। टीम को एक लॉकर और भोपाल में पांच प्रॉपर्टी की जानकारी भी मिली है।
लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीके जैन के विदेशी निवेश की जानकारी भी मिली है। इसकी टीम जांच कर रही है। जैन कुछ दिन पहले ही कनाड़ा से लौटे हैं। जैन भोपाल नगर निगम से सेवानिवृत्त होने के बाद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में संविदा पर अधीक्षण यंत्री के पद पर है। जैन का एयरपोर्ट रोड स्थित लॉड्स कॉलोनी में करीब 6000 वर्गफीट में बना कोठीनुमा बंगला है। इसके अलावा भी चार प्रॉपर्टी है।