मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 17 धार्मिक शहरों में शराबबंदी की जाएगी। शुक्रवार को महेश्वर में होने वाली प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में इस बारे में निर्णय लिया जाएगा।
सीएम ने कहा कि समाज में नशाखोरी की आदत खास कर शराब से परिवार के परिवार बर्बाद हो जाते हैं। यह एक बड़ा कष्ट है। शराब से सामाजिक बुराई आती है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को हम एक बड़ा निर्णय लेने जा रहे हैं। हमारी सरकार ने संकल्प लिया है। 17 अलग-अलग धार्मिक नगरों में शराबबंदी करने की घोषणा कर रहे हैं। कोई देशी नहीं कोई विदेशी नहीं। सभी प्रकार के धार्मिक शहरों में शराब की दुकानों में ताले लगाए जाएंगे।
200 दुकानें बंद होने से 400 करोड़ का नुकसान
धार्मिक नगरों में करीब 200 दुकाने बंद हो जाएगी। इससे सरकार को करीब 400 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा। अभी आबकारी विभाग को शराब दुकानों से करीब 1400 करोड़ रुपए आय होती है। इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकार नई नीति मे ंलाइसेंस फीस 20 प्रतिशत बढ़ाएंगे। इससे सरकार को करीब 2800 करोड़ रुपए पिछली बार की तुलना में अधिक मिलेंगे। वहीं, जिन जिलों में 80 प्रतिशत दुकानें 30 प्रतिशत लाइसेंस फीस पर रिन्यू होती है, उनको ही रिन्यू माना जाएगा। 80 प्रतिशत से कम होने पर दुकानों का आवंटन टेंडर से किया जाएगा।
नर्मदा परिक्रमा पथ पर आश्रय स्थल और घाट बनेंगे
सीएम ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा पथ पर सुविधाएं और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। परिक्रमा करने वालों के लिए नर्मदा किनारे आश्रय स्थल तथा स्नान घाट बनाए जाएंगे। नर्मदा के आंचल को हरा-भरा कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। सीएम ने कहा कि भगवान श्री राम एवं श्री कृष्ण प्रदेश में जहां- जहां प्रवास किये वहां बनाये जायेंगे धार्मिक पर्यटन स्थल बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य की है। उनके आदर्शों के अनुरूप प्रदेश में सुशासन के मापदंड स्थापित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हर स्थानों पर मूलभूत सुविधाओं के साथ- साथ कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण एक वर्ष पूर्ण होने पर देश में उत्साह का माहौल है। पूरे देश में सांस्कृतिक अनुष्ठान आयोजित किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में भी जहां- जहां भगवान श्री राम एवं श्री कृष्ण के चरण पड़े उन स्थानों को धार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में दर्शित किया जायेगा।
यहां हो सकती है शराबबंदी
उज्जैन (महाकालेश्वर मंदिर)
ओंकारेश्वर (12 ज्योर्तिलिंग में शामिल)
ओरछा (रामराजा सरकार की नगरी)
मंडला (नर्मदा के प्रसिद्ध घाट)
महेश्वर (पर्यटन नगरी, नर्मदा किनारे कई प्राचीन मंदिर)
दतिया (प्रसिद्ध पीतांबरा माई का मंदिर)
मुलताई (प्रसिद्ध धार्मिक ताप्ती नदी का उद्गम स्थल)
मैहर (मां शारदा का प्रसिद्ध मंदिर)
बरमान घाट और मंडेलश्वर (दोनों ही मां नर्मदा के प्रसिद्ध घाट हैं)
पन्ना (जुगलकिशोर भगवान का प्राचीन मंदिर)
सांची को भी इसमे शामिल किया जा सकता है, क्योंकि यह बेहद प्राचीन जगह
अमरकंटक (नर्मदा उद्गम स्थल, नर्मदा मंदिर)
जबलपुर (नर्मदा के किनारे बसा शहर, भेड़ाघाट)
नलखेड़ा (मां बगलामुखी माता का प्रसिद्ध मंदिर)
सलकनपुर (प्रसिद्ध देवी मंदिर)
चित्रकूट (धार्मिक नगरी, भगवान राम ने वनवास का समय यहां बिताया था)
मंदसौर (भगवान पशुपतिनाथ का प्रसिद्ध मंदिर)