प्रदेश में लगातार सामने आ रहे बस हादसों के बाद यात्री सुरक्षा को लेकर शुरू की गई पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) की पहल अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों से यात्री बसों में उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं का विस्तृत ब्यौरा मांगा था, लेकिन करीब एक महीने बाद भी अधिकांश जिलों से पूरी जानकारी मुख्यालय तक नहीं पहुंच सकी है। इसके चलते मुख्यालय को एक बार फिर सभी जिलों को रिमाइंडर जारी करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, हाल में हुई सड़क दुर्घटनाओं के बाद पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में संचालित यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था का वास्तविक आकलन कराने का निर्णय लिया था। इसके तहत प्रत्येक जिले को बसों का भौतिक निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए थे।