मध्य प्रदेश में नई शराब नीति पर सियासत जारी हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पलटवार करने के बाद अब फिर पूर्व सीएम कमलनाथ का बयान सामने आया हैं। कमलनाथ ने कहा कि शिवराज जी आप जबरदस्त मतिभ्रम का शिकार हो गए हैं। पहले आपने कहा था कि आप रोज वचन पत्र के बारे में एक झूठा सवाल पूछेंगे। लेकिन आप कभी सवाल पूछते हैं और कभी भूल जाते हैं। आज आपने जो सवाल पूछा है, उसका वचन पत्र से कोई संबंध नहीं है। इसका मतलब है कि कांग्रेस के बाकी वचन पत्र से आप पूरी तरह संतुष्ट हैं।
कमलनाथ ने कहा कि दूसरी बात, आपने मदिरा प्रदेश शब्द को लेकर आपत्ति की है। लेकिन यह शब्द तो आपने ही मध्यप्रदेश के लिए उपयोग में लाया था। आप तो मदिरा प्रदेश के लिए पूरा अभियान चला रहे थे। दिमाग पर जोर डालिए, सब याद आ जाएगा। तीसरी बात यह कि आपकी सरकार ने देसी मदिरा और विदेशी मदिरा की संयुक्त दुकान खोलकर मध्यप्रदेश में शराब की दुकानों की संख्या करीब दोगुनी बढ़ा दी है। आप की नीति स्पष्ट है राशन महंगा और सस्ती दारू। घर-घर दारू पहुंचाने की अपनी नीति के लिए आप मध्य प्रदेश की जनता से माफी मांगिये।
बता दें इससे पहले छिंदवाड़ा में कमलनाथ के मध्य प्रदेश को मदिरा प्रदेश बनाने के बयान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कमलनाथ जी को मध्य प्रदेश की माटी से, यहां के संस्कारों से, यहां की संस्कृति से, लगाव नहीं हैं। वो जहां की जड़ों से नहीं जुड़े हैं। वो मध्य प्रदेश को मदिरा प्रदेश कह रहे हैं। यह मध्य प्रदेश का अपमान हैं। यह मध्य प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता का अपमान हैं। यह मध्य प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं का अपमान हैं।