पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने प्रदेश की शिवराज सरकार पर बड़ा बयान दिया है। कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। शिवराज सरकार में अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद है कि इंदौर के बीएम कॉलेज की प्राचार्या विमुक्ता शर्मा को दिन दहाड़े पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। कमलनाथ ने प्राचार्या के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
कमलनाथ ने अपने बयान में कहा है कि घटना के आरोपी के संबंध में प्राचार्य द्वारा पुलिस को लिखित में शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। इस पुलिसिया लापरवाही की कीमत विमुक्ता शर्मा को अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी।
नाथ ने कहा कि सरकार की यह असंवेदनहीनता तब है जब पिछले 18 वर्षों में मध्यप्रदेश महिला अत्याचार बलात्कार के मामलों में देश में निरंतर प्रथम स्थान पर आता रहा है। इंदौर की घटना एक बड़ी घटना है। माफिया और अपराधी प्रदेश में बेखौफ हैं। प्रदेश के हालत बदतर हो रहे है।यह घटना प्रदेश में महिला सुरक्षा के दयनीय हालत बताती है।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में महिला सुरक्षा की स्थिति बदतर हो चुकी है। प्रदेश तीन-चार साल की अबोध बालिका से लेकर वरिष्ठ महिला नागरिक तक कोई सुरक्षित नहीं है। कमलनाथ ने आरोप लगाते हुए कहा कि आदिवासी समाज की महिलाओं के साथ आए दिन दुष्कर्म हो रहें हैं।आदिवासियों पर अत्याचार रोकने में भाजपा सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। महिला से गैंग रेप के मामले में मध्यप्रदेश सालों से पहले स्थान पर है। मध्यप्रदेश महिला आत्महत्या में नंबर 1 है। और अब तो बाल अपराध में मध्यप्रदेश नंबर 1 आने लगा है। मध्यप्रदेश आदिवासी अपराध में शीर्ष पर है। सर्वाधिक दलित अपराध वाले राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल है।
मध्यप्रदेश की संस्कृति, मध्यप्रदेश के संस्कार, मध्यप्रदेश की मिट्टी और उसकी जड़ों से जुड़े होने की केवल नाटक नौटंकी रोज करने वाली सरकार 18 साल से महिलाओं, बच्चों और वंचितों की अस्मिता को क्यों नहीं सुरक्षित रख पा रही है? क्या 18 साल का समय व्यवस्था बनाने के लिये कम होता है?
भाजपा सरकार को प्रदेश की 8.5 करोड़ जनता और मध्यप्रदेश के सम्मान की रत्ती भर भी चिंता होती तो 18 साल तक महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान देने में निरंतर असफल होने के बाद पद त्याग कर घर बैठ जाना चाहिए, परंतु लोकतंत्र की हत्या कर सौदे से सत्ता हड़पने वालों से सुराज और सुशाशन की उम्मीद बेमानी है। ऐसी सरकार को आगामी चुनाव में जनता उखाड़कर फेंकेगी।