मप्र के इतिहास में पहली बार मप्र के तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बी मधु कुमार, संजय माने और सुशोभन बनर्जी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। इनमें दो आईपीएस मधु कुमार और संजय माने रिटायर हो गए हैं। गृह विभाग ने तीनों अधिकारियों की तरफ से उन पर लगे आरोपों के जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर विभागीय जांच के आदेश दिए। विभागीय जांच रिटायर्ड जस्टिस वीरेंद्र सिंह करेंगे। इस संबंध में आदेश जारी किए गए है। बता दें लोकसभा चुनाव-2019 से पहले पूर्व अधिकारियों के घर पर आयकर का छापा पड़ा था।
ईओडब्ल्यू ने 2020 में दर्ज की थी जांच
इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग के पत्र के बाद ईओडब्ल्यू ने दिसंबर 2020 में प्राथमिकी जांच दर्ज की थी। इस मामले में तत्कालीन अतरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस सुधार, पुलिस मुख्यालय 1989 बैच के अधिकारी संजय व्ही. माने, तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जेएनपीए सागर 1989 बैच के अधिकारी सुशोभन बनर्जी और तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय 1991 बैच के अधिकारी व्ही मधु कुमार के खिलाफ केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ‘सीबीडीटी‘ नई दिल्ली द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के संबंध में अखिल भारतीय सेवाएं अनुशासन एवं अपील नियम-1969 के तहत आरोप पत्र 24 फरवरी 2021 को जारी किए गए थे। इसमें अधिकारियों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद शासन ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
कमलनाथ के करीबियों पर आयकर छापे में मिली थी डायरी
बता दें, आयकर विभाग की दिल्ली टीम ने अप्रैल 2019 में पूर्व सीएम कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़, सलाहकार राजेंद्र मिगलानी समेत कारोबारियों के 52 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इनके यहां से करोड़ों रुपए के लेन देन की डायरी और कंप्यूटर फाइल जब्त की गई थी। इसमें कई विधायक और मंत्रियों के नाम भी सामने आए थे। इसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी भी शामिल थे। इस मामले में आयकर विभाग ने चुनाव आयोग को रिपोर्ट और साक्ष्य प्रस्तुत किए थे। जिसमें कई लोगों को भारी भरकम राशि ट्रांसफर करने का जिक्र किया गया।