लाडली बहना योजना का लाभ ले रहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को अपने नाम हटवाने को लेकर सागर में जारी आदेश को निरस्त कर दिया गया है। इस आदेश से गफलत फैल गई थी कि अपात्र लाडली बहनों के नाम हटाए जाएंगे। हालांकि, राज्य शासन ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। सागर के महिला व बाल विकास विभाग का आदेश भी रद्द कर दिया गया है।
बता दें, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मार्च 2023 में लाडली बहना योजना की शुरुआत की थी। इसमें पहले एक हजार रुपये और बाद इन्हें बढ़ाकर 1250 रुपये लाडली बहनों को दिए जा रहे हैं। इसमें महिलाओं से नियम शर्तों के अनुसार स्वेच्छा से स्वप्रमाणित आवेदन भरवाए गए। करीब 1.31 करोड़ महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसमें कई आंगनवाड़ी सहायिका, कार्यकर्ता, समस्त अध्यक्ष/ सचिव स्व सहायता समूह के सदस्य भी योजना का लाभ ले रहे हैं।
सागर के परियोजना अधिकारी ने जारी किया था आदेश
सागर के महिला व बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय ग्रामीण-2 की तरफ से आदेश जारी किया गया था। इसमें अपात्र लोगों को योजना के लाभ का परित्याग करने के निर्देश दिए गए थे। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
शासन के निर्देश के बाद आदेश निरस्त
हालांकि, राज्य शासन की तरफ से लाडली बहना योजना का अपात्र लोगों के लाभ लेने पर कोई कार्रवाई करने संबंधी कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। सागर के कार्यालय परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग का आदेश सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भोपाल से अधिकारियों के निर्देश पर वापस ले लिया गया। एक अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि लाभ ले रहे लोगों को परित्याग करने का विकल्प दिया गया है। वह स्वेच्छा से योजना का परित्याग कर सकते हैं।
इन्हें है योजना की पात्रता
लाडली बहना योजना की पात्रता के लिए शर्तें हैं कि इनकम टैक्स के दायरे में ना आते हों, संयुक्त परिवार में पांच एकड़ से ज्यादा जमीन ना हो, परिवार में कोई भी एक व्यक्ति सरकारी नौकरी में नहीं हो, चार पहिया वाहन ट्रैक्टर को छोड़कर ना हो, पूर्व सांसद-विधायक, पंचायत सदस्यों की पत्नी ना हो।