भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) सहित ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारियों को अब अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा समय पर देना अनिवार्य कर दिया गया है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जो अधिकारी ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिटर्न (IPR) दाखिल नहीं करेंगे, उनके प्रमोशन पर रोक लगा दी जाएगी। केंद्र के आदेश पर मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने निर्देश जारी कर दिए है। जिसके तहत अब अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम 1968 के नियम-16(2) के तहत हर अधिकारी को अपनी संपत्ति का वार्षिक ब्यौरा देना अनिवार्य है। इसके लिए अधिकारियों को हर साल 31 जनवरी तक ऑनलाइन विवरण अपलोड करना होता है।