भोपाल में ऑनलाइन लोन के मकड़जाल में फंसे एक परिवार की आत्महत्या के मामले में सरकार सख्त है। गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि इस मामले की जांच करने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाएगा। लोन एप को चिह्नित किया जाएगा और उसे प्रतिबंधित करने के लिए केंद्र सरकार से मांग करेंगे।
गुरुवार सुबह भोपाल के नीलबड़ इलाके में भूपेंद्र विश्वकर्मा ने अपने परिवार के साथ आत्महत्या कर ली थी। पहले पति-पत्नी ने अपने दो मासूम बच्चों को कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पिलाया। फिर दोनों एक ही फंदे पर झूल गए। चार पेज के सुसाइड नोट में भूपेंद्र ने लिखा है कि ऑनलाइन लोन देने वाले एप की वजह से उनकी बदनामी हो रही थी। उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा था। उनके पास मौत को गले लगाने के सिवा कोई विकल्प नहीं था।
इस मामले में गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि लोन देने वाले एप को चिह्नित कर रहे हैं, जिसके नंबर से मृतक को धमकी दी जा रही थी। उस पर दबाव डाला गया था। हम केंद्र सरकार से ऐसे एप को प्रतिबंधित बैन करने की मांग करेंगे। उन्होंने इसी तरह के अन्य ऑनलाइन एप्स के बारे में जानकारी एकत्रित करने की बात कही है। इस सवाल पर कि भूपेंद्र ने साइबर पुलिस को शिकायत की थी, गृहमंत्री ने बताया कि किसी भी थाने में शिकायत नहीं की थी। वकील से बात कर लौटने की जानकारी सामने आई है।