मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा पर एजेसियों का शिंकजा कसता जा रहा है। एजेसियों की जांच में नए नए खुलासे हो रहे हैं। एजेंसियों को अब सौरभ के घर से अहमदाबाद से खरीदे गए 14 लाख रुपए के लहंगा के कागज मिले है। जानकारी के अनुसार यह लहंगा सौरभ की पत्नी दिव्या शर्मा उर्फ दिव्या तिवारी ने अहमदाबाद से खरीदा था। अब एजेंसियां इस मामले में दिव्या से पूछताछ करेगी। सौरभ और उसके ठिकानों पर एजेसियों को कई अहम दस्तावेज मिले है। सौरभ शर्मा और उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर शुक्रवार को ईडी ने कार्रवाई की थी। इस दौरान ईडी नकाब में एक युवक और युवती को साथ ले गई थी। बताया जा रहा है कि नकाब में चेतन सिंह गौर है। इसकी निशानदेही पर ही अब ईडी कार्रवाई कर रही है। हालांकि अभी आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसी को छापेमार कार्रवाई में कई दस्तावेज मिले है। वहीं, एजेंसियों ने सौरभ और उससे जुड़े लोगों के बैंक लॉकर और खातों की जानकारी मिली है, जिसे सील किया गया है।
सौरभ को नौकरी दिलाने झूठा शपथ पत्र दे रचा षड्यंत्र
ग्वालियर के विनय नगर सेक्टर-2 निवासी सौरभ शर्मा के पिता डॉ. राकेश शर्मा स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ थे। वर्ष 2015 में उनका निधन हो गया था। जिसके उनकी जगह अनुकंपा नौकरी दिलाने के लिए बड़े भाई सौरभ के भाई सचिन शर्मा और उसकी मां ने झूठा शपथ पत्र देकर षड्यंत्र रचने का भी आरोप है। इसको लेकर एक शपथ पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस शपथ पत्र में सौरभ शर्मा ने लिखा कि मेरे पिता के आश्रित सदस्यों में कोई भी शासकीय या अर्ध शासकीय सेवा में नहीं है। जबकि सौरभ का बड़ा भाई सचिन शर्मा छत्तीसगढ़ सरकार में शासकीय नौकरी कर रहा था। इसी प्रकार सौरभ की मां ने भी अपने शपथ पत्र में झूठी जानकारी दी गई।
लोकायुक्त को 2.87 करोड़ रुपए नगद मिले
लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा के ई-7 स्थित आवास पर 18 दिसंबर को छापेमारी की थी। तीन चली रेड में लोकायुक्त को सौरभ शर्मा के ठिकानों से 2.87 करोड़ रुपए नगद, 234 किलो चांदी, 50 लाख का सोना समेत कई लग्जरी सामान मिला था। सौरभ शर्मा अभी अपनी पत्नी के साथ दुबई में है। लोकायुक्त को सौरभ शर्मा के ठिकानों से करीब 7 करोड़ 98 लाख रुपए की चल संपत्ति बरामद हुई थी। इसके अलावा एजेंसी को कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी मिली थी, जिसकी जांच की जा रही है।