मध्य प्रदेश विधानसभा से पारित नए श्रम कानून के तहत अब कोई भी नियोक्ता अपने कर्मचारियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र या पासपोर्ट अपने पास नहीं रख सकेगा। इसके अलावा कर्मचारी की सहमति के बिना उसका स्थानांतरण भी नहीं किया जा सकेगा। विधेयक में पहली बार कर्मचारियों को 'राइट टू डिस्कनेक्ट' का अधिकार दिया गया है। यानी कर्मचारी को तय कार्य समय के बाद काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा। यदि किसी कर्मचारी को ड्यूटी के बाद भी उपलब्ध रहने के लिए कहा जाता है, तो उस समय को ओवरटाइम माना जाएगा।