सार
इंदौर की पेयजल त्रासदी के बाद भोपाल में भी पानी के सैंपलों में खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया मिलने से चिंता बढ़ गई है। नगर निगम ने प्रभावित क्षेत्रों में भूगर्भ जल उपयोग पर रोक की सलाह दी है। वहीं 26 टन जब्त मांस की जांच में गोवंश होने की पुष्टि हुई, जिस पर कार्रवाई करते हुए बूचड़खाने को सील किया गया।
इंदौर की पेयजल त्रासदी की घटना के बाद भोपाल में भी पानी में खतरनाक बैक्टीरिया मिलने से चिंता बढ़ गई है। तीन स्थानों पर खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला है, जिसने इंदौर में हाल ही में 18 लोगों की जान ले ली थी। नगर निगम तत्काल प्रभावित इलाकों में भूगर्भ जल के उपयोग पर तत्काल रोक लगाने की सलाह जारी की है। वहीं 22 दिन पहले पकड़े गए 26 टन मांस की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। राज्य पशु चिकित्सालय के विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि कंटेनर में मिला मांस गोवंश का था।
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भोपाल की मेयर मालती राय ने बताया कि भोपाल नगर निगम ने पानी के 1810 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे थे। जांच के बाद उनकी रिपोर्ट आ गई है। चार सैंपल में बैक्टीरिया पाए गए हैं। ये अंडरग्राउंड पानी के सैंपल थे, जो सैंपल ट्यूबवेल से लिए गए थे वे कच्चे पानी के थे। यह पानी भोपाल के लोगों को सप्लाई नहीं किया जाता है। नगर निगम को अलग-अलग सोर्स से शिकायतें मिल रही हैं। नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी तुरंत जगहों पर जाकर जांच कर रहे हैं। अगर कोई कमी होती है तो नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर समस्या को ठीक कर रही है। अगर लीकेज या लोगों की शिकायतें होती हैं तो नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी जांच कर रहे हैं। वे लोगों की शिकायतों के आधार पर जांच कर रहे हैं और सैंपल संबंधित अधिकारियों को भी भेज रहे हैं।
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वहीं, स्लॉटर हाउस में हो रहे नियमों के उल्लंघन को लेकर मेयर मालती राय ने कहा कि बूचड़खाने के सैंपल गलत पाए गए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। संबंधित अधिकारी या प्राइवेट वेंडर या कोई भी और जो भी इसमें शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बूचड़खाने को सील कर दिया गया है।