पुलिस मुख्यालय ने अपने द्वारा संचालित पेट्रोल पंप, एलपीजी केंद्र, सुपर बाजार और अन्य स्थानों पर नकद लेन-देन पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। 15 नवंबर 2024 से इन स्थानों पर केवल डिजिटल माध्यम से भुगतान स्वीकार किया जाएगा। इस संबंध में सभी पुलिस अधीक्षकों और सेनानियों को निर्देशित किया गया है। यह कदम पुलिस इकाइयों में गबन की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है, जहां नगद लेन-देन के कारण वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें आ रही थीं।
पेट्रोल पंप और अन्य पुलिस कल्याण केंद्रों में गबन की घटनाओं के पीछे नगद लेन-देन का प्रमुख योगदान पाया गया है। इन घटनाओं की फॉरेंसिक ऑडिट में यह सामने आया है कि नगद लेन-देन और लेखा-जोखा में पारदर्शिता की कमी के चलते यह समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। 2016 में पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक के सम्मेलन में पुलिस संगठनों से कैशलेस लेन-देन बढ़ाने की अनुशंसा की गई थी। इसके तहत गृह मंत्रालय ने पुलिस कल्याण के लेनदेन में 50% जीएसटी छूट और 100% कैशलेस भुगतान का प्रावधान किया है, जो अब सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। 15 नवंबर 2024 से डिजिटल भुगतान के लिए क्यूआर कोड, यूपीआई और पीओएस मशीन जैसी सुविधाओं का प्रबंध किया जाएगा।
1 जनवरी 2025 से पुलिस इकाइयों में पूरी तरह से नगद लेन-देन समाप्त कर दिया जाएगा। 15 नवंबर से 31 दिसंबर 2024 तक कुछ अपवादस्वरूप मामलों में नकद भुगतान स्वीकार किया जाएगा। इस अवधि के दौरान नकद बिक्री की जानकारी रसीद पर ग्राहक के नाम और मोबाइल नंबर के साथ दर्ज की जाएगी, और इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी। साथ ही पचमढ़ी में एकमात्र पुलिस पेट्रोल पंप होने के कारण यहां नकद लेन-देन को जारी रखा जाएगा।
15 नवंबर से पुलिस द्वारा संचालित पेट्रोल पंप, सुपर बाजार, एलपीजी केंद्र में केवल डिजिटल भुगतान स्वीकार होंगे। सभी पुलिस इकाइयों के प्रमुख हर 15 दिनों में डिजिटल और नकद लेनदेन का ब्यौरा कल्याण शाखा को भेजेंगे। कैशलेस ट्रांजेक्शन की व्यवस्था के लिए क्यूआर कोड, यूपीआई और पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी।