दिल्ली में आयोजित अंतराराष्ट्रीय व्यापार मेले में मप्र की सहभागिता है।
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देश की राजधानी दिल्ली का प्रगति मैदान इन दिनों भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले से सजा हुआ है। देशभर के हर प्रदेश की झलक यहां दिखाई दे रही है। इनमें मप्र के विकास की गाथाएं संजोता एक अलग ही संसार बसा हुआ है। प्रदेश की कला, खानपान के अलावा यहां हुए विकास को दर्शाती जीवंत तस्वीरें भी मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खुद भी इस नजारे के साक्षी बनने के लिए यहां पहुंचने वाले हैं। इस दिन को खासतौर से मप्र दिवस के रूप में आयोजित किया जाएगा।
43वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का शुभारंभ 14 नवम्बर को दिल्ली के प्रगति मैदान में हुआ है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर प्रदेश की कला, संस्कृति, उपलब्धियां, खानपान यहां पसरा हुआ है। 27 नवंबर तक जारी रहने वाले इस मेले में मप्र की सहभागिता भी है। लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्योग के अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े शिल्पी, उत्पादक, कारोबारी और प्रशिक्षक यहां मौजूद हैं।
विभागों की उपाधियां, कला का संसार मौजूद
व्यापार मेले में मप्र के उद्योग और तकनीक की उपलब्धियों पर केंद्रित कई डिसप्ले किए गए हैं। गरीब कल्याण, युवा विकास, महिलाओं की खुशहाली, किसानों की समृद्धि को लेकर प्रदेश में किए गए विभिन्न कार्यों को इस मेले में उकेरा गया है। इसके अलावा प्रदेश की प्रसिद्ध कलाएं बाग प्रिंट, जरी जरदोजी, माटी कला, धातु कला से जुड़े शिल्प भी मप्र के कोने को शोभित कर रहे हैं। रतलामी नमकीन और मुरैना की गजक भी मेले में आने वालों को स्वाद परोस रहे हैं।
मप्र दिवस पर बिखरेगी खास छटा
व्यापार मेले में एक खास दिन मप्र दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के अलावा एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप और कई विभागीय मंत्री पहुंचने वाले हैं। इस दौरान जनजातीय लोक गीत और लोक नृत्य से सजे विभिन्न सांस्कृतिक आयोजन किए जाएंगे।