निशा बांगरे अपने पति सुरेश बेटे सम्यक के साथ
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मध्य प्रदेश के छतरपुर की डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे अपना इस्तीफा देने के बाद से चर्चा में है। उन्होंने शासन से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद अंतरर्राष्ट्रीय सर्वधर्म शांति कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद भोपाल का सरकारी आवास खाली कर दिया है। निशा बांगरे ने शुक्रवार को सरकार पर फिर निशाना साधते हुए कहा कि नकारात्मक शक्तियों द्वारा कार्यक्रम में विघ्न डालने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के बिना अनुमति होने से लाठीचार्ज होने तक की अफवाह फैलाई गई। इसके बावजूद कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा हुआ है। निशा बांगरे से अमर उजाला ने उन पर लगे आरोपों को लेकर बातचीत की।
सवाल: आप पर बिना अनुमति के कार्यक्रम में शामिल होने का आरोप है? इस पर आपका क्या कहना है?
निशा बांगरे: यह तो हास्यास्पद है। कोई बिना अनुमति के हमारे देश में आ सकता है? यहां तक कहा गया कि वीजा की जानकारी नहीं है। इसलिए अनुमति नहीं दी जाती है। इन षड्यंत्रों को सब समझते हैं।
सवाल: आपने अवैध तरीके से सरकारी मकान में रहने का शासन को जवाब दे दिया?
निशा बांगरे: देखिए, अभी मेरे पास किसी का प्रस्ताव नहीं आया है। अभी इस बारे में कुछ नहीं कह सकती।