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MP News: स्वास्थ्य सिस्टम पर डिप्टी CM की सख्ती, भर्ती में देरी, अधूरे अस्पताल और ढीली निगरानी पर जताई नाराजगी

Mon, 29 Dec 2025 06:54 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में समीक्षा बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सख्ती दिखाई। भर्ती में देरी, अधूरे अस्पताल भवन, उपकरणों के उपयोग में लापरवाही और निगरानी की कमी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने समयबद्ध भर्ती, निर्माण कार्य पूरे करने और योजनाओं को जमीन पर उतारने के निर्देश दिए। 
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स्वास्थ्य विभाग की बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल में स्वास्थ्य तंत्र की हकीकत सामने आने के बाद उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की बैठक में अधिकारियों को साफ संदेश दिया—अब लापरवाही नहीं चलेगी। मैनपावर की कमी, अधूरी भर्तियां और निर्माण कार्यों में सुस्ती को लेकर उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जवाब मांगा और लंबित प्रक्रियाओं को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
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भर्तियों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की
बैठक में सामने आया कि मेडिकल ऑफिसर, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन और विशेषज्ञ पदों पर रिक्तियों का सीधा असर अस्पतालों की सेवाओं पर पड़ रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रियाएं समय पर पूरी नहीं हुईं तो जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने एमपीपीएससी और ईएसबी के जरिए चल रही भर्तियों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की।

अस्पताल भवनों और स्वास्थ्य केंद्रों की धीमी रफ्तार
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों, अस्पताल भवनों और स्वास्थ्य केंद्रों की धीमी रफ्तार पर भी सवाल उठे। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल भवन खड़े करना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि उन्हें समय पर चालू करना भी उतना ही जरूरी है। कई जगह उपकरण तो खरीदे गए हैं, लेकिन उपयोग और रख-रखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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टीबी मुक्त भारत: फाइलों से बाहर लाने की कोशिश
टीबी उन्मूलन अभियान को लेकर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना कागजों में नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि टीबी के मामलों की पहचान और इलाज में तेजी आ सके।

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एयर एम्बुलेंस और दवा इकाइयों पर नजर
पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा को लेकर उप मुख्यमंत्री ने पूछा क्या आपात स्थिति में यह सेवा वाकई समय पर पहुंच रही है? उन्होंने सेवा के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। साथ ही औषधि निर्माण इकाइयों की नियमित जांच न होने पर चिंता जताई और गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की चेतावनी दी।
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ग्रामीण इलाकों पर फोकस, टेलीमेडिसिन से उम्मीद
दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए टेलीमेडिसिन को मजबूती देने पर जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का सही इस्तेमाल हुआ तो ग्रामीण मरीजों को बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।बैठक के बाद साफ संकेत मिले हैं कि स्वास्थ्य विभाग में अब सिर्फ योजनाएं नहीं, बल्कि परिणाम देखे जाएंगे। भर्ती, निर्माण, जांच और इलाज हर स्तर पर जवाबदेही तय करने की तैयारी है। 
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