मध्य प्रदेश में चल रहे विशेष मतदाता पुनः निरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर कांग्रेस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) में प्रदेश अध्यक्ष जीतु पटवारी की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई, जिसमें पूरे प्रदेश के लिए रणनीति बनाई गई। जीतू पटवारी ने बैठक के बाद कहा कि “देश में अगर किसी पार्टी ने आम जनता के मताधिकार की रक्षा करनी है तो वह कांग्रेस है। एसआईआर देशभर में वोटिंग में गड़बड़ी और धोखाधड़ी रोकने का अहम उपकरण है, जिसे राहुल गांधी ने कल देश के सामने रखा। कांग्रेस को देश की आम आदमी की लड़ाई लड़नी पड़ रही है। इधर पचमढ़ी में चल रहे जिला अध्यक्षों के संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर में भी एसआईआर से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद सभी जिला अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची कार्य और SIR मॉनिटरिंग की निगरानी करेंगे।
8 नवंबर को एसआईआर से जुड़ी विस्तृत जानकारी देंगे पटवारी
पटवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस 8 नवंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एसआईआर से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करेगी। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जवाब चुनाव आयोग की बजाय बीजेपी के नेता क्यों दे रहे हैं।
यह भी पढ़ें-
यश घनघोरिया बने एमपी यूथ कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष, भोपाल के अभिषेक परमार रहे दूसरे स्थान पर
संगठन सशक्तिकरण की दिशा में नया प्रशिक्षण अभियान
संगठन महामंत्री डॉ. संजय कमले ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर, कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग ने सभी जिलों में एसआईआर और राजनीतिक प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षकों की नियुक्ति की है। यह कदम पार्टी के संगठनात्मक पुनर्गठन और बूथ स्तर तक मजबूत नेटवर्क खड़ा करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। 2 से 11 नवंबर तक पचमढ़ी में चल रहे प्रशिक्षण शिविर के बाद अब चयनित प्रशिक्षक अपने-अपने जिलों में मतदाता सूची कार्य, बूथ सशक्तिकरण और राजनीतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेंगे। प्रशिक्षण विभाग के अध्यक्ष महेंद्र जोशी ने कहा कि प्रशिक्षण ही संगठन की आत्मा है। कार्यकर्ताओं का यह सशक्तिकरण कांग्रेस की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने का आधार बनेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतु पटवारी ने इस पहल को ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि हर कार्यकर्ता प्रशिक्षित हो, हर बूथ सशक्त हो यही कांग्रेस की नई दिशा और दृष्टि है। कांग्रेस का यह प्रशिक्षण और एसआईआर मॉनिटरिंग अभियान बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने और राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें-
राहुल गांधी के बयान पर मंत्री सारंग का पलटवार, बोले-नेहरू जी ने की थी पहली वोट चोरी
जिलों में बने प्रशिक्षक, संभालेंगे जिम्मेदारी
प्रशिक्षकों की सूची में प्रमुख नाम शामिल हैं। श्योपुर से कलीम पठान, मुरैना से संतोष त्रिपाठी, भिंड से इरफान खान, ग्वालियर से डॉ. रवेंद्र यादव, दतिया से संदीप यादव, शिवपुरी से राजेश बाबू, गुना से संतोष कुमार सोनी, और अशोकनगर से हेमंत जाटव। इसी तरह सागर, टीकमगढ़, नीमच, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, सिंगरौली, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा और शाजापुर जिलों में भी प्रशिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है।