मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग को साधने के भाजपा के एजेंड की काट के लिए कांग्रेस ने आदिवासी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को चुनाव अभियान समिति की कमान दी है। विधायक कांतिलाल भूरिया की टीम 32 नेताओं के साथ ही फ्रंटल आर्गनाइजेशन और एसटी-एससी, महिला, युवा, अल्पसंख्यक और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमुखों की टीम सौंपी गई है।
कांतिलाल लाल भूरिया को चुनाव अभियान समिति की जिम्मेदारी देने की पीछे की वजह भाजपा के आदिवासी वर्ग के एजेंडे की काअ बताया जा रहा है। बता दें प्रदेश में 230 में से 47 सीटे अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है। कांग्रेस का मानना है कि कांतिलाल भूरिया आरक्षित सीटों में से 30 सीटों पर सीधा असर डालेंगे। भाजपा आदिवासी वोटरों को साधने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वहीं, कांग्रेस भाजपा सरकार में आदिवासियों पर लगातार अत्याचार होने का प्रचार कर रही है। सीधी पेशाब कांड, नेमावर हत्याकांड और नीमच में आदिवासी युवक को घसीट कर मार डालने जैसी घटनाओं को बताने के लिए कांग्रेस आदिवासी स्वाभिमान यात्रा भी निकाल रही है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की समहति के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति की घोषणा कर दी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और आदिवासी वर्ग से आने वाले कांतिलाल भूरिया को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। 32 सदस्य समेत समिति में सभी फ्रंटल हेड और विभागों के अध्यक्षों को शामिल किया गया है। समिति में पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, पूर्व पीसीसी चीफ और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, अजय सिंह राहुल, विवेक तन्खा, राजमणि पटेल, नकुल नाथ, सज्जन सिंह वर्मा, एनपी प्रजापति, केपी सिंह, लक्ष्मण सिंह, बाला बच्चन, तरुण भनोत, ओमकार सिंह मरकाम, विजयलक्ष्मी साधौ, राजेंद्र सिंह, हीना कावरे, लखन सिंह यादव, सुखदेव पांसे, जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, सुरेंद्र सिंह हनी बघेल, रामनिवास रावत, सुरेंद्र चौधरी, आरिफ मसूद, महेंद्र जोशी, शोभा ओझा, अशोक सिंह, राजीव सिंह के अलावा सभी फंटेल ऑर्गेनाइजेशन और एससी,एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक विभागों के अध्यक्षों को भी शामिल किया गया है।