मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को नीमच जिले के 500 मेगावाट सोलर पार्क तथा ग्राम खिमला में निर्माणाधीन ग्रीनको गांधीसागर पम्प स्टोरेज परियोजना का एरियल सर्वे किया। इसके बाद अधिकारियों ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से परियोजना की प्रगति, तकनीकी विशेषताओं और ऊर्जा उत्पादन क्षमता की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी। ग्रीनको समूह द्वारा लगभग 11,470 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही 1,920 मेगावाट क्षमता की गांधीसागर पम्प स्टोरेज परियोजना देश की सबसे बड़ी पम्प स्टोरेज परियोजनाओं में शामिल है। परियोजना की ऊर्जा भंडारण क्षमता 10,326 मेगावाट-घंटे (MWh) होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
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परियोजना के तहत गांधीसागर बांध के मौजूदा जलाशय और खिमला में बनाए जा रहे ऊपरी जलाशय का उपयोग पम्प स्टोरेज तकनीक के माध्यम से बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। इस प्रणाली में पानी का पुनः उपयोग किया जाता है, जिससे वाष्पीकरण से होने वाली मामूली हानि को छोड़कर अतिरिक्त जल की आवश्यकता नहीं पड़ती। परियोजना में 240 मेगावाट क्षमता की सात तथा 120 मेगावाट क्षमता की दो द्वि-दिशात्मक (रिवर्सिबल) टर्बाइन इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। निर्माणाधीन खिमला परियोजना में वर्तमान में प्रतिदिन 3,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को नई गति मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी, प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, ग्रीनको के सीईओ श्री मौर्या, सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक माधव मारू सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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