मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में अपराधों, विशेषकर महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावी कार्रवाई न करने वाले पुलिस अधिकारी भविष्य में मैदान में नहीं दिखेंगे। मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में विशेष सतर्कता बरती जाए और ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध शिक्षकों को भी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि छेड़खानी करने वाले युवकों को न केवल शिक्षण संस्थान के स्तर पर, बल्कि स्थानीय थानों में रिपोर्ट कर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने सायबर अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों पर भी कठोर एक्शन लेने को कहा। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सीधे निर्देशित किया और किए गए एक्शन का नियमित प्रतिवेदन देने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नक्सल गतिविधियों की निगरानी, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की स्थिति और नक्सल गतिविधियों के नियंत्रण से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की। इस दौरान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अपराध नियंत्रण पर प्रजेंटेशन दिया। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा और सुशासन को हर स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा।
सीएम ने यह निर्देश भी दिए-
- विद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर छात्राओं और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। किसी भी स्थिति में रियायत नहीं दी जाए।
- प्रदेश में एक समेकित अभियान के तहत महिला अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कार्य किया जाए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
- नए कानूनों के क्रियान्वयन को गंभीरता से लिया जाए।
- न्याय श्रुति सॉफ्टवेयर के माध्यम से थानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था को सशक्त बनाया जाए।
- देवास जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विधि विज्ञान रिपोर्ट और ई-अभियोजन से 20 हजार मानव घंटे की बचत हुई है। अन्य जिलों को भी इस मॉडल पर कार्य करना चाहिए।
- पुलिस प्रशासनिक अमले और थानों के स्टाफ को संवेदनशील बनकर नागरिकों के हित में कार्य करते हुए कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के सभी जरूरी कदम उठाने होंगे।