फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: सीएम शिवराज की कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा के खिलाफ मानहानि की याचिका खारिज

Sat, 24 Dec 2022 11:02 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

कांग्रेस के वर्तमान मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने वर्ष 2014 में व्यापम घोटाले में सीएम +शिवराज और उनके परिवार के द्वारा नियुक्ति कराने के आरोप लगाए थे। इस मामले में सरकार की तरफ से भोपाल कोर्ट में मुख्यमंत्री की मानहानी का केस दायर किया गया था। कोर्ट ने 2017 में  मामले में केके मिश्रा को दो साल की सजा और 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था।
विज्ञापन
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भोपाल सेशन कोर्ट ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है। चौहान ने केके मिश्रा के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर की थी। इससे पहले भी यह याचिका कोर्ट खारिज कर चुका है। सीएम की तरफ से याचिका दायर करने वाले वकीलों की टेक्निकल गलती की वजह से याचिका खारिज की गई। बता दें केके मिश्रा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के परिवार पर भ्रष्टाचार को आरोप लगाए थे।
विज्ञापन

 
कांग्रेस के वर्तमान मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने वर्ष 2014 में व्यापम घोटाले में सीएम +शिवराज और उनके परिवार के द्वारा नियुक्ति कराने के आरोप लगाए थे। इस मामले में सरकार की तरफ से भोपाल कोर्ट में मुख्यमंत्री की मानहानी का केस दायर किया गया था। कोर्ट ने 2017 में  मामले में केके मिश्रा को दो साल की सजा और 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। इसको मिश्रा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन कोर्ट की तरफ से स्टे नहीं मिला। इसके बाद मिश्रा सुप्रीम कोर्ट गए। जहां कोर्ट ने मिश्रा की दो साल की सजा और 25 हजार रुपए का जुर्माना यह कहते हुए माफ कर दिया कि इसमें सरकार याचिका नहीं लगा सकती। वहीं, व्यक्तिगत याचिका दायर करने को कहा था। शिवराज सिंह चौहान की तरफ से व्यक्तिगत रूप से मानहानी की याचिका दायर की गई, लेकिन कोर्ट ने समय पूरा होने की बात कहकर याचिका खारिज कर दी। इसके बाद दोबारा शिवराज की तरफ से वकीलों ने पुनरीक्षण याचिका दायर की। लेकिन कोर्ट ने दोबारा पिछली कोर्ट के निर्णय को सही बताते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें