भू माफिया घनश्याम सिंह राजपूत को चार साल की जेल
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भोपाल के भू माफिया घनश्याम राजपूत को सीबीआई की विशेश अदालत ने चार साल की जेल की सजा सुनाई है। वहीं, उसकी पत्नी को भी भी एक साल की सजा सुनाई है। अदालत के आदेश के बाद राजपूत को हिरासत में लेकर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही हैं।
विशेष न्यायाधीश सीबीआई भोपाल के द्वारा घनश्याम सिंह राजपूत के खिलाफ निर्णय पारित किया गया। कोर्ट ने घनश्याम सिंह राजपूत और उसकी पत्नी संध्या सिंह को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का दोषी बताया। कोर्ट ने घनश्याम सिंह को 4 वर्ष का कठोर कारावास और 65 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। जुर्माना जमा नहीं करने पर एक साल की साधारण सजा भुगतने का आदेश सुनाया है। इसके अलावा राजपूत की पत्नी संध्या सिंह को भी धारा 109 की आरोपी बनाते हुए 1 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर 3 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
घनश्याम सिंह राजपूत तत्कालीन हेड क्लर्क कार्यालय वाणिज्यिक मण्डल प्रबंधक पश्चिम मध्य रेलवे में नौकरी करते थे। सीबीआई के लोक अभियोजक मनफूल विश्नोई ने बताया कि 28 फरवरी 2007 को आरोपी घनश्याम सिंह राजपूत के खिलाफ उसकी आय से अधिक संपत्ति रखने के संबंध में केस दर्ज किया गया था। राजपूत ने रेलवे में 26 सितंबर 1995 से 1 मार्च 2007 तक वरिष्ठ लिपिक व मुख्य लिपिक के पद पर डीआरएम कार्यालय झांसी व डीआरएम कार्यालय भोपाल में पदस्थ रहते हुए वैध ज्ञात स्त्रोत से अधिक संपत्ति बनाई।
सीबीआई ने जांच के बाद प्रकरण में आरोपी घनश्याम सिंह राजपूत को वैध ज्ञात स्त्रोत से अनुपातहीन संपत्ति बनाने का दोषी मानते हुए तथा उसकी पत्नी संध्या सिंह को भी उक्त अपराध के लिए दुष्प्रेणरण का दोषी मानते हुए नयायालय विशेष न्यायाधीश सीबीआई भोपाल के सामने वर्ष 2008 में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। आरोप पत्र के पक्ष में अभियोजन की तरफ से 60 गवाह और बचाव पक्ष की ओर से 8 लोगों की गवाही हुई। इसके बाद कोर्ट ने घनश्याम सिंह राजपूत और उसकी पत्नी को दोषी माना और सजा सुनाई।