मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अधिकारियों से की बातचीत
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार दोपहर में अचानक सायबर थाने पहुंचे। यहां पर उन्होंने दो दिन पहले सायबर पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट से बचाए गए पीड़ित विवेक ओबराॅय से फोन पर बातचीत की। ओबेरॉय ने पुलिस और मुख्यमंत्री दोनों का धन्यवाद दिया। उन्होंने सीएम से कहा कि पुलिस ने भगवान बनकर उनकी मदद की। मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि एमपी पुलिस साइबर क्राइम के मामलों को गंभीरता से ले रही है और त्वरित कार्रवाई कर रही है। हाल ही में 10 नवंबर को विवेक ओबेरॉय नामक व्यक्ति को ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया था, लेकिन समय रहते पुलिस की सतर्कता ने उसे इस संकट से बाहर निकाल लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश की पहली घटना है जिसमें किसी व्यक्ति को डिजिटल रूप से बंधक बनाने का प्रयास हुआ और पुलिस ने लाइव प्रतिक्रिया देकर उसे सुरक्षित बचा लिया। उन्होंने कहा कि ठग बहुत दुस्साहस दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ठगों की हिम्मत तो देखिए, वे असली पुलिस से ही पहचान पत्र मांगने लगे थे। ऐसे मामलों को रोकने के लिए हमने पूरे मध्य प्रदेश में साइबर थाने खोलने का फैसला लिया है, ताकि हर जिले में साइबर क्राइम से निपटा जा सके। बता दें, एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री ने गृह विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के सभी जिलों में सायबर थाना ओर राज्य स्तर पर कॉल सेंटर बनाने की बात कही थी। इसका उद्देश्य लोगों को साइबर धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के लिए सघन जागरूकता अभियान चलाने को भी कहा गया था। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दुरुपयोग से बचने के लिए पुलिस को सतर्क रहने के लिए कहा था।