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MP News: सीएम ने भोपाल में योगाभ्यास किया, राज्यस्तरीय कार्यक्रम में “श्रीअन्न संवर्धन अभियान” का शुभारंभ

Fri, 21 Jun 2024 09:13 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में योग दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री में आवास में योगाभ्यास किया। इस अवसर पर “श्रीअन्न संवर्धन अभियान” का शुभारंभ किया। 
 
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव योगादिवस पर योगभ्यास करते हुए - फोटो : अमर उजाला
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दसवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पूरे देश में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर भोपाल में भी राज्यस्तरीय योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने योगाभ्यास किया। पहले यह कार्यक्रम लाल परेड ग्राउंड में रखा गया था, लेकिन बारिश के चलते स्थान में परिवर्तन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। साथ ही कहा कि 10 साल पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र में योग से निरोग का प्रस्ताव रखा था, जो पारित हुआ। आज दुनिया योग के कार्यक्रम कर रही है। 
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मुख्यमंत्री ने कहा कि योग को हमने पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। योग के शिक्षकों को बराबर का दर्जा देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि योग से हम शारीरिक, मानसिक शांति पाते है। योग की कल्पना की गई कि हम अपने जीवन के 100 साल पूरा करे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज  खोल रही है। इससे आयुर्वेद के क्षेत्र में प्रदेश की भूमिका बड़े स्तर पर सामने आएगी। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय योगाभ्यास कार्यक्रम में श्रीअन्न संवर्धन अभियान का शुभारंभ भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय राजेश राजौरा, डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। 

स्कूल और कॉलेज में पढ़ाए जाएंगे राम और कृष्ण के पाठ 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि स्कूल और कॉलेज में भगवान श्रीराम और कृष्ण के पाठ पढ़ाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामपथ गमन और श्री कृष्ण पथ गमन दो परियोजनाओं को राज्य सरकार ने अपने हाथ में लिया है। भगवान राम और कृष्ण राज्य में जिन-जिन स्थानों पर गए हैं, उन स्थानों को राज्य सरकार ने तीर्थ स्थल के तौर पर विकसित करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार भगवान राम और कृष्ण की उपलब्धियों को उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा के पाठयक्रम में शामिल करने वाली है। जिससे बच्चों को भगवान राम और कृष्ण के राह पता चल सके।
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