मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निवेशकों से चर्चा करते हुए
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लुधियाना प्रवास के दौरान पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों से वन-टू-वन बैठक कर उन्हें मध्यप्रदेश की निवेश-समर्थक नीतियों और संसाधनों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जहां भी निवेश की संभावनाएं होंगी, वहां सरकार नीतिगत संशोधन के लिए तत्पर है। राज्य सरकार उद्योगों और श्रमिकों, दोनों के हितों का समान रूप से ध्यान रख रही है। मुख्यमंत्री से चर्चा करने वालों में नाहर ग्रुप के दिनेश ओसवाल, बॉन ग्रुप के मंजीत सिंह, टीके स्टील के लोकेश जैन, आईओएल केमिकल्स के वरिन्दर गुप्ता, भगवती लैक्टो के सुशील मित्तल, हीरो साइकिल के एस.के. राय, हाईलैंड एथनॉल के अमित मोदी सहित कई उद्योगपति शामिल थे। इन सभी ने मध्यप्रदेश में निवेश की गहरी रुचि दिखाई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कहा कि पंजाब के निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश "लैंड ऑफ अपॉर्च्युनिटी" बन सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्ल्ड क्लास लॉजिस्टिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, एक लाख एकड़ से अधिक भूमि बैंक और पीएम मित्रा, लेदर व मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने फरवरी में उद्योग केंद्रित 18 नई नीतियां लागू की हैं। प्लांट-मशीनरी पर निवेश सहायता 40% तक दी जा रही है। हरित औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए वर्कर्स हॉस्टल भी बनाए जा रहे हैं। ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश से उनके ग्रुप को निरंतर सहयोग मिला है और अब वे 5 लाख करोड़ रुपए के निवेश की योजना पर काम कर रहे हैं। वहीं राल्शन टायर्स के संजीव कालरा ने कहा कि मध्यप्रदेश ग्लोबल मार्केट के लिए लॉन्च पैड है और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य निवेश के लिए एक प्रेरणादायक स्थल बन चुका है।