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MP News: एसआईआर में शिक्षकों को झोंकने पर बवाल, सिंघार बोले-स्कूल बंद होने की नौबत, बच्चों का भविष्य खतरे में

Fri, 07 Nov 2025 01:01 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश में वोटर लिस्ट रिवीजन के लिए शिक्षकों को बड़े पैमाने पर तैनात किए जाने पर बवाल खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे शिक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला बताते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की शुरुआत होते ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 4 नवंबर से प्रदेश के 65 हजार BLO घर-घर जाकर वोटर्स की जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं, लेकिन इनमें से 15 हजार से ज्यादा शिक्षक होने पर नई बहस छिड़ गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षक कमी से जूझ रहे स्कूलों के बीच हजारों शिक्षकों को SIR में भेजना प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को ठप करने जैसा” है।
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सिंगल टीचर स्कूलों पर खतरा, पढ़ाई ठप होने का अंदेशा
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में 6 हजार से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं जो एक या दो शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। यदि इनमें से भी आधे शिक्षकों को BLO बना दिया गया, तो स्कूलों में ताले लगने जैसी स्थिति बन सकती है। कई जगह तो प्राचार्य और प्रभारी प्राचार्य तक को SIR की ड्यूटी में लगा दिया गया है।


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बोर्ड परीक्षाएं सिर पर, साइंस मैथ्स टीचर्स भी चुनावी काम में
उन्होंने ने कहा कि 12वीं कक्षा को गणित और विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी SIR में शामिल कर लिया गया है, जबकि यह नियमों के खिलाफ माना जाता है। सबसे चौंकाने वाली बात SIR का अंतिम प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को होगा, उसी दिन एमपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं।
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नीमच में पांच शिक्षक निलंबित,डर का माहौल
नीमच में BLO बनाए गए पांच शिक्षक जब स्कूल पढ़ाने लौटे, तो उन्हें निर्वाचन कार्य में लापरवाही का दोषी मानते हुए तुरंत निलंबित कर दिया गया। इस घटना के बाद शिक्षकों में नाराजगी और तनाव दोनों बढ़ गया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह फैसला सीधा-सीधा बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है। उमंग सिंघार ने सवाल किया है कि जब पूरे प्रदेश में शिक्षक पहले ही कम हैं, तो स्कूलों को कमजोर करने वाला यह फैसला आखिर किसके हित में है?
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