मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने अशोकनगर जिले के थाना कदवाया में पदस्थ प्रधान आरक्षक अरविन्द रघुवंशी को असाधारण बहादुरी और तत्परता दिखाने पर 10,000 रुपए नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। जानकारी के अनुसार, 25 अक्टूबर 2025 की रात लगभग 7:45 बजे, पिछोर से इंदौर जा रही वीडियो कोच बस में ईसागढ़ के पास अचानक इंजन के पास आग लग गई थी। बस में उस समय करीब 40-45 यात्री सवार थे। बस में मौजूद प्रधान आरक्षक अरविन्द रघुवंशी ने बिना समय गंवाए स्थिति को संभाला। उन्होंने क्लीनर के साथ मिलकर बस का कांच तोड़ा, स्वयं बाहर निकले और एक-एक कर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की थी। अंत में वह पीछे जाकर यह सुनिश्चित किया कि बस में कोई भी यात्री शेष न हो।
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उनकी तत्परता, सूझबूझ और साहसिक कदम से बस में सवार सभी यात्रियों की जान बच गई थी। हालांकि, आग इतनी भीषण थी कि पूरी बस बाद में जलकर खाक हो गई, लेकिन किसी भी यात्री को चोट नहीं आई। इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने अरविन्द रघुवंशी की सराहना करते हुए उन्हें 10,000 रुपये नगद पुरस्कार देने का आदेश जारी किया है।
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी भी की तारीफ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रधान आरक्षक की सरहाना की है। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री ने लिखा कि अशोक नगर में पिछले दिनों हुई बस दुर्घटना में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में प्रधान आरक्षक अरविंद रघुवंशी ने तत्परता दिखाई, वहीं राजगढ़ के पुलिस निरीक्षक भागीरथ शाक्य द्वारा मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए त्वरित रूप से दिव्यांग की मदद की गई। प्रत्येक पुलिसकर्मी को संवेदनशील होने के साथ-साथ त्वरित निर्णय लेने में सक्षम और सक्रिय होना चाहिए। दोनों पुलिसकर्मियों ने आवश्यकता होने पर जीवन और सम्मान की रक्षा कर "देशभक्ति-जनसेवा" के भाव को चरितार्थ करते हुए सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है। शासन द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाएगा।